Raipur
शहर में अब नहीं दिखेंगे नुक्कड़
नगर संवाददाता Friday, October 30, 2009 02:35 [IST]  

रायपुर. शहर की किसी भी सड़क पर अब कचरे के ढ़ेर नहीं दिखाई देंगे। शहर के नुक्कड़ों पर इकट्ठा होने वाला कचरा अब सीधे बंद गाड़ियों में कलेक्शन सेंटरों में जमा होगा। इन कलेक्शन सेंटरों से यह कचरा सीधे डिस्पोजेबल स्थलों पर भेजा जाएगा।



नगर निगम शहर में जर्मनी पैटर्न पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना लागू कर रहा है। इसके तहत शहर में अनेक स्थानों पर सेकंड कलेक्शन पाइंट बनाए जाएंगे। इन पाइंटों से डंपरों में कचरा डिस्पोजेबल यूनिट में भेजा जाएगा। नगर निगम कमिश्नर ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन योजना के तहत निगम का सफाई अमला अब नुक्कड़ों की जगह घर, होटल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक स्थलों से कचरा उठाएगा।



इसके तहत जोन कमिश्नर तीन वार्डे को एक इकाई बनाकर एक कलेक्शन सेंटर विकसित करेंगे। इसके तहत हर घर, होटल, अस्पताल व सार्वजनिक निगमों को दो डस्टबिन दिए जाएंगे। पहले डस्टबिन में गीला कचरा और दूसरे डस्टबिन में सूखा कचरा डालने की सलाह इन्हें दी जाएगी। गीला कचरे में डिस्पोजेबल आइटम और सूखे कचरे में नान डिस्पोजेबल आइटम रखने को कहा जाएगा। कलेक्शन सेंटर में भी दो बड़े विशाल डस्टबिन रखे जाएंगे।



निगम को मिलेंगे तीन करोड़ रुपए : निगम को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना के तहत तीन करोड़ रुपए योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए मिलेंगे। इसके तहत निगम प्रशासन कचरा ढ़ोने वाली गाड़ियां इसमें आटो, ट्राली, डंपर, मिनी ट्रक के अलावा 4.5 क्यूबिक मीटर क्षमता के 100 कंटेनर खरीदेगा। यह कंटेनर पूरी तरह से बंद होंगे। वर्तमान में निगम में जो गाड़ियां चल रही हैं वह खुली हैं, इन गाड़ियों से जाने वाला कचरा बदबू व संड़ाध मारता है। इससे राहगीरों को भी दर्ु्गध झेलनी पड़ती है। लेकिन बंद गाड़ियों में कचरा रहने से राहगीरों को किसी भी तरह की कोई दर्ु्गध नहीं आएगी।



योजना के तहत अलग से लगेगा टैक्स : निगम हर घर, होटल, अस्पताल व अन्य सार्वजनिक स्थलों में दो-दो डस्टबिन देगा। लेकिन कचरा उठाने की इस योजना के तहत हर घर से अलग-अलग डस्टबिन के कचरा उठाने का टैक्स भी वसूला जाएगा। अफसरों का कहना है कि निगम इस योजना का प्राइवेटाइजेशन भी कर सकता है। दिल्ली की पैराडाइम कंस्लटेंसी जल्द ही इस योजना की कार्यप्रणाली की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर देने वाली है।

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