Chandigarh
‘सिमरन’ से जानेंगे कितनी देर मे आएगी रेलगाड़ी
भास्कर न्यूज Friday, October 30, 2009 03:55 [IST]  

चंडीगढ़. अब यात्रियों को ट्रेन कहां पर है, इसकी जानकारी लेने के लिए पूछताछ खिड़की पर धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। रेलवे स्टेशन पर लगे डिस्प्ले बोर्ड और एसएमएस पर उन्हें जिस भी ट्रेन की जानकारी चाहिए होगी, वह उपलब्ध होगी।



आईआईटी कानपुर और आरडीएसओ लखनऊ के संयुक्तप्रयास से ‘सेटेलाइट इमेजिंग फॉर रेल नेवीगेशन’ (सिमरन) प्रोजेक्ट के तहत यह सुविधा उपलब्ध होगी। यह जानकारी यहां वीरवार को आरडीएसओ लखनऊ के डायरेक्टर जनरल एचएस पन्नू ने सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट आर्गेनाइजेशन (सीएसआईओ) में दी। वे तीन दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ऑप्टिक्स फोनोटिक्स (आईसीओपी) में हिस्सा लेने आए हैं।



तीन ट्रेनों में ‘सिमरन’ लागू



सिमरन में जीपीएस और जीएसएम की मदद से किस समय कौन सी ट्रेन कहां पर है और उसकी रफ्तार आदि की जानकारी स्टेशन और ट्रेनों में लगे डिस्प्ले बोर्ड पर उपलब्ध होगी। सिमरन के तहत एसएमएस करने पर भी यह जानकारी दी जाएगी। इसके लिए जरूरी सॉफ्टवेयर आदि तैयार हो चुका है। प्रयोग के तौर पर नई दिल्ली —कानपुर और लखनऊ के बीच चलने वाली राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस के अलावा गोमती एक्सप्रेस के 36 डिब्बों में सिमरन को लागू किया जा चुका है।



ट्रैक पर कितनी होगी रफ्तार



उन्होंने बताया कि ट्रेन किस ट्रैक पर कितनी रफ्तार से दौड़ सकती है और कितना कंपन होगा, इसकी मॉनिटरिंग के लिए सीएसआईओ के ‘ओसिलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम’ को और छोटा करते हुए ‘पेन ड्राइव’ के आकार में विकसित किया जा रहा है। इससे ट्रेन के कंपन को कम किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इसी सिस्टम से यह पता लगाया जाएगा कि ट्रैक पर कितनी गति से ट्रेन को चलाया जा सकता है।



डीरेलमेंट से पहले ही होगा अलर्ट



पन्नू ने बताया कि आईआईटी कानपुर ने पटरी से गाड़ियों के उतरने की घटनाओं पर काबू पाने के लिए ‘डीरेलमेंट डिटेक्टर’ उपकरण तैयार किया है। इसकी मदद से डीरेलमेंट होने से पहले ड्राइवर सावधान हो जाएगा और एक से दो मिनट में ही ट्रेन रुक जाएगी।

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