मोहाली. महेंद्र सिंह धोनी, युवराज, सहवाग, पोंटिंग और हुसे जैसे विस्फोटक बल्लेबाजों के लिए खुशखबरी। 2 नवंबर को होने वाले वनडे मैच में जब ये बल्लेबाज पीसीए स्टेडियम में उतरेंगे तो मोहाली की तेज आउटफील्ड इनको रनों का अंबार लगाने में मददगार साबित होगी।
पहले से बेहद तेज आउटफील्ड, पीसीए के पिच क्यूरेटर और बीसीसीआई की पिच और ग्राउंड कमेटी के चेयरमैन दलजीत सिंह के मुताबिक अमेरिकन सीड बेरेन बर्ग ने आउटफील्ड को और तेज बनाने का काम किया है। पिच और ग्राउंड को बेहतर बनाने के प्रयोगों के लिए जाने जाने वाले दलजीत सिंह ने इस बार मोहाली में अमेरिकन सीड बेरेन बर्ग और पुरानी घास का मिश्रण इस्तेमाल किया है।
यह विदेशी सीड घास की शानदार क्वालिटी के लिए जानी जाती है। दलजीत सिंह के मुताबिक अब जो घास सामने आई है उसे देखकर मैं कह सकता हूं कि मोहाली स्टेडियम में पिछले 10 सालों के इतिहास में सबसे तेज आउटफील्ड इस मैच में देखने को मिलेगी। उन्होंने बताया कि भारत में पहली बार किसी क्रिकेट मैदान में यह अमेरिकन सीड यूज की गई है।
हालांकि दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में भी इसे यूज किया गया लेकिन वहां यह कामयाब नहीं हो पाई। दलजीत के मुताबिक सीड को कैसे यूज करना है, कितना पानी देना है और कब देना है यह सब एक बेहतर ग्राउंड्समैन और उनकी टीम पर निर्भर करता है। मोहाली में हमारे पास कुशल ग्राउंड्मैन की टीम है जिसकी वजह से हम यह काम करने में सफल हुए।
बीजिंग ओलंपिक में भी इस्तेमाल
अमेरिकन सीड बेरेन बर्ग का प्रयोग बीजिंग ओलंपिक में भी किया गया था। वहां पर कई मैदानों में इसके प्रयोग के शानदार नतीजे रहे थे। यह देखते हुए दलजीत सिंह ने इसे मंगवाने का फैसला किया था। उन्होंने कहा जब तक हम कुछ नया नहीं करेंगे मैदानों को संवार नहीं सकेंगे। यह तो एक प्रयोग भर था जिसमें मैं पूरी तरह संतुष्ट हूं। डे नाइट मैच होने के कारण ओस अहम रोल अदा करेगी। ओस से निपटने के लिए हम एस्पा 80 स्प्रे इस्तेमाल करेंगे।