भोपाल. राजधानी के कई क्षेत्रों में उबड़-खाबड़ सड़कें चकाचक होंगी और चौराहे सवरेंगे। लोक निर्माण विभाग ने इनके सामूहिक विकास के लिए एक योजना बनाई है। इस पर करीब 31 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
योजना के तहत संभाग स्तर पर सर्वे कर सड़कों को चौड़ा व दुरुस्त करने तथा चौराहों के विकास के प्रस्ताव बनाए गए थे। इनमें से आधा दर्जन प्रस्तावों को स्वीकृति मिल गई है। अगले एक से डेढ़ माह में इन पर काम शुरू हो जाएगा। कुछ प्रस्ताव अभी भी शासन के पास लंबित हैं, इन्हें जल्द ही स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
शहर के तीन संभागीय क्षेत्रों की करीब 19 सड़कों का चौड़ीकरण व मरम्मत तथा चौराहों का उन्नयन किया जाना है। इसमें चार इमली की सड़कों के साथ ही हमीदिया मार्ग भी शामिल है।
इन संभागीय क्षेत्रों में होगा काम
पीडब्ल्यूडी के तहत संभाग क्रमांक-1 में वल्लभ भवन, हमीदिया रोड, राजभवन, संभाग क्रमांक-2 में चार इमली, पुराना सचिवालय और नया भोपाल संभाग में साउथ टीटी नगर, शिवाजी नगर, होशंगाबाद रोड, लिंक रोड-1,2,3 शामिल हैं। इन्हीं क्षेत्रों में सड़कों, चौराहों के विकास कार्य किए जाएंगे।
..तो बार-बार नहीं खोदनी पड़ेंगी सड़कें
टेलीफोन व पानी सप्लाई लाइन के लिए बार-बार सड़कें खोदने से बचने के लिए अब प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में सड़क निर्माण के दौरान कॉमन यूटीलिटी डक्ट का प्रावधान रखा जाएगा। इस संबंध में राज्य शासन ने नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार निर्माण एजेंसी व तकनीकी अधिकारियों को योजना तैयार करते तथा तकनीकी स्वीकृति देते समय कॉमन यूटीलिटी डक्ट बिछाने का प्रावधान आवश्यक रूप से करने की हिदायत दी गई है। इससे टेलीफोन, जलप्रदाय और सीवेज लाइन के कनेक्शन के लिए बिना खुदाई के सड़क क्रास हो सकेगी।
यह व्यवस्था शहरी क्षेत्रों में होने वाले सीमेंट कांक्रीट सड़कों के निर्माण को देखते हुए जरूरी हो गई है। इन सड़कों की एक बार खुदाई के बाद उनकी मरम्मत आसान नहीं होती है। गौरतलब है मंथन 09 में अधोसंरचना विकास समूह ने कॉमन यूटीलिटी डक्ट के प्रावधान की अनुशंसा की थी। उसी के मद्देनजर निर्देश जारी किए गए हैं।
कॉमन यूटीलिटी डक्ट
सड़क बनाते वक्त निर्धारित दूरी पर सड़क के नीचे पाइप बिछाए जाते हैं जिसमें से टेलीफोन व पानी सप्लाई की लाइन निकल सके। बड़े शहरों में इस तरह की व्यवस्था की जाती है।