नई दिल्ली. सचिन तेंदुलकर क्रिकेट का नायाब हीरा हैं और क्रिकेट में 20 वर्षो तक टिके रहना खेल के प्रति उनके समर्पण का नतीजा है। यह बात हिन्दुस्तान लीडरशिप सम्मेलन में पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावसकर, रवि शास्त्री और न्यूजीलैंड के पूर्व गेंदबाज रिचर्ड हैडली ने एक स्वर में कही।
गावसकर ने कहा कि सचिन पिछले बीस वर्षो से लगातार क्रिकेट खेल रहें है और रन बना रहें हैं। वह सही मायने में क्रिकेट का विज्ञापन हैं। सचिन के सिर्फ टेस्ट मैचों पर ध्यान केंद्रित करने संबंधी सवालों के जवाब में गावसकर ने कहा कि सचिन जैसे खिलाडियों की ड्रे¨सग रूम में मौजूगी ही जूनियर खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का काम करती है इसलिए सिर्फ टेस्ट मैचों में सचिन को खेलने संबंधी सलाह देना पूरी तरह बेतुका है।
सचिन की सर्वŸोष्ठ पारी के बारे में पूछे जाने पर गावसकर ने कहा कि उनकी 113 रनों की पर्थ में खेली गई पारी और पिछले वर्ष चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया गया शतक उनके सबसे बेहतरीन शतकों में से एक है। उन्होंने कहा कि पर्थ की पारी इसलिए खास है कि पर्थ की तेज विकेट पर आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों के सामने शतकीय पारी खेलना वाकई एक बड़ी उपलब्धि है।
पूर्व भारतीय कप्तान ने पिछले वर्ष की चेन्नई की पारी को सचिन का दूसरा सबसे बढ़िया शतक बताया। उन्होंने कहा कि पिचअंतिम दिन पूरी तरह टर्न ले रही थी और ग्रीम स्वान एवं मोंटी पनेसर ने पहली पारी में बढ़िया गेंदबाजी की थी इस लिहाज से मैच के अंतिम दिन 380 से अधिक रन का लक्ष्य हासिल करना वाकई अदभुत था। गावसकर ने कहा कि सचिन ने अपनी इस पारी को मुंबई हमले में मारे गए लोगों को समíपत किया था इस ²ष्टि से भी यह खास था। शास्त्री ने पर्थ के अलावा चेन्नई में ही 1998 में खेली गई 155 रनों की पारी को उनका दूसरा सबसे बढ़िया शतक बताया। सचिन के इस शतक ने सीरीज की दिशा तय कर दी थी।
गौरतलब है कि सचिन ने इस मैच में पहली पारी में चार रनों पर आउट होने के बाद दूसरी पारी में नाबाद १५५ रन बनाए थे। हेडली ने कहा कि सचिन की एक पारी को खास बताना उनके लिए मुश्किल है। उन्होंने कहा कि सचिन ने भारत और भारत से बाहर दोनों जगह बढ़िया प्रदर्शन किया है।