चंडीगढ़. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दौरे से ठीक पहले पंजाब यूनिवर्सिटी को 20 करोड़ रुपये की स्पेशल ग्रांट जारी हुई है। यह ग्रांट उच्च शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए दी गई है। यह राशि यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) की ओर से पीयू को 11वीं योजना के तहत स्वीकृत 50 करोड़ की स्पेशल ग्रांट की पहली किस्त है।
इस योजना के तहत पीयू को वर्ष 2009 से 2011 के लिए स्पेशल ग्रांट की स्वीकृति दी थी। इसमें से मौजूदा और अगले वित्त वर्ष में पीयू को 20—20 करोड़, जबकि 2011 में 10 करोड़ रुपये मिलेंगे। पीयू में इस योजना के तहत अलग तीन साल में दो बड़े प्रोजेक्ट बनने हैं। इनमें यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और इंस्टीट्यूट ऑफ इमर्जिग एरिया इन सोशल साइंस बनाने की योजना है।
इनके अलावा पीयू की पुरानी इमारतों की मरम्मत सहित लाइब्रेरी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं में सुधार का पूरा प्रोजेक्ट यूजीसी को सौंपा था। पहली किस्त के तौर पर जारी हुई इस राशि से गांधियन स्टडीज समेत पीयू की दूसरी पुरानी इमारतों की मरम्मत होगी। इसके साथ ही दूसरी बुनियादी सुविधाओं को जुटाने के लिए भी यह राशि खर्च होगी।
प्रधानमंत्री के पीयू में इस दौरे से सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लटके पड़े मसले के आगे बढ़ने की संभावना है। पिछले लगभग दो साल से पीयू पंजाब सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक इस मसले को उठा चुका है। लेकिन अभी तक पीयू और प्रधानमंत्री के बीच सेंट्रल यूनिवर्सिटी को लेकर सीधा संवाद नहीं हुआ है। अब प्रधानमंत्री पीयू आ रहे हैं तो संभवत: पीयू इस बाबत अपना पक्ष उनके सामने रखे। पीयू को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री से भी इस मसले पर कुछ सकारात्मक जवाब मिलेगा।