चंडीगढ़. भारत की सभ्यता और संस्कृति समृद्ध है। इसका दुनिया में कोई सानी नहीं। इस बात की झलक शुक्रवार को सेक्टर—7 स्थित ग्लास पैलेस में आयोजित ‘विरासत मेला’ में मिली। यहां 80 स्कूलों के विद्यार्थियों ने अपने-—अपने तरीके से भारत की विराट संस्कृति को दिखाया।
श्याम ने अपने चेहरे पर पेंटिंग बनाकर मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और गिरजाघर बनाकर भारत की सर्वधर्मसंभाव को दर्शाया। गगन ने दिल्ली के लाल किले को चेहरे पर अलग अलग रंगों के संयोजन से दिखाकर भारत की ऐतिहासिक विरासत को पेश किया। रागिनी ने पंजाब के गांव को साकार किया। शिखा ने पेड़ की शाखा पर बैठे भगवान श्रीकृष्ण को बांसुरी बजाते हुए दिखाया।
कार्यक्रम में भाग लेने के लिए इतने अधिक बच्चे आ गए कि रजिस्ट्रेशन एक घंटे पहले ही रोकना पढ़ा। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए 2000 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। ग्लास पैलेस के निदेशक अजय गुप्ता ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन से नई पीढ़ियों को अपनी पुरातन सभ्यता और संस्कृति के बारे में जानकारी मिलती है। इस प्रतियोगिता में पांच से 15 साल के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।