इंदौर. यदि मांगलिया पेट्रोलियम डिपो में आग से हादसा हुआ तो यह अब तक का सबसे बड़ा अग्निकांड कहा जाएगा। इसका कारण टर्मिनल सहित तीन कंपनियों के डिपो एक स्थान पर होना है। यहां इंडियन ऑइल, हिन्दुस्तान और भारत पेट्रोलियम के डिपो एक-दूसरे से ऐसे सटे हैं, जैसे यह एक ही प्लांट के उपक्रम हों।
विशेषज्ञों का कहना है मांगलिया डिपो में आग लगने पर इंदौर के कई हिस्से इसकी चपेट में आ जाएंगे और लाखों लोग प्रभावित होंगे। जयपुर के डिपो में 10 करोड़ लीटर पेट्रोलियम पदार्थ था, जिसने आठ किमी क्षेत्र को चपेट में लिया। वहीं, मांगलिया डिपो ३क् करोड़ लीटर पेट्रोलियम पदार्थ की क्षमता का है।
टर्मिनल सहित तीनों प्लांट में करीब 25 करोड़ लीटर ज्वलनशील पदार्थ रहता है। इंडियन ऑइल डिपो चार करोड़, हिन्दुस्तान और भारत पेट्रोलियम लगभग तीन-तीन करोड़ लीटर क्षमता के हैं। इन तीनों से दोगुना २क् करोड़ लीटर क्षमता का टर्मिनल है।
प्लांट के पास धधकती है आग
इंडियन ऑइल के डिपो की बाउंड्री वॉल से झोपड़ियां सटी हैं। एक पेट्रोलियम कंपनी के डिपो इंचार्ज ने बताया कि इन झोपड़ियों से अग्निकांड का खतरा बढ़ गया है। सर्दी के मौसम में इस क्षेत्र में रातभर अंगारे सुलगते हैं। इनको हटाने के लिए पांच साल से लगातार कलेक्टर और एसपी को पत्र लिख रहे हैं।
दोनों अधिकारियों को हर छह महीने में आवेदन किया जा रहा है, लेकिन स्थिति नहीं सुधरी। डिपो के पीछे दुर्घटना को आमंत्रण मेन गेट पर तो खास सुरक्षा, लेकिन पीछे का ख्याल नहीं। यह स्थिति है तीनों कंपनी के डिपो की। कहने को तीनों डिपो में सुरक्षा उपकरणों से गुजरे बिना परिंदा भी पर नहीं मार सकता।
यहां तक कि कंपनी के कर्मचारियों को भी फायर उपकरणों से परीक्षण कर प्रवेश दिया जा रहा है। परंतु पीछे से कोई भी बड़ी आसानी से तार फेंसिंग लांघकर डिपो में घुस सकता है। डिपो के अधिकारियों का कहना है पीछे बाउंड्रीवॉल बनाने के लिए रेलवे ने परमिशन नहीं दी।
पेट्रोलियम पदार्थ खाली करने से पहले और बाद में वैगन डिपो परिसर में पीछे खड़ी की जाती हैं। खाली होने के बाद भी उनमें तैलीय पदार्थ बच जाता है। इनमें से पेट्रोल व डीजल चुराने के लिए लिए रात में बाकायदा गैंग डिपो में आती हैं। इंडियन ऑयल के डिपो इंचार्ज ए.के. ब्यौहार भी इसे स्वीकारते हैं।
पास में हो गया था अग्निकांड
इंडियन ऑइल के पास स्थित रुचि सोया में २क्क्७ में भीषण अग्निकांड हुआ था। ऐसे में डिपो में इस तरह की घटना को नकारा नहीं जा सकता। मांगलिया निवासी सज्जनसिंह कुशवाह का कहना है डिपो में अग्निकांड से कई किलोमीटर क्षेत्र चौपट हो सकता है। दिलीपसिंह पंवार और श्याम शर्मा ने कहा यदि डिपो में आग लग जाए तो इंदौर तबाह हो जाएगा।
..तो 10 किमी से अधिक प्रभावित
जयपुर में विस्फोट के बाद मांगलिया डिपो की सुरक्षा का आकलन किया जाए तो इसे बारूद का ढेर कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा। क्योंकि यदि मांगलिया डिपो में जयपुर की तरह अग्निकांड हुआ तो यह १क् किमी से अधिक क्षेत्र को चपेट में ले लेगा। डिपो से रहवासी और औद्योगिक क्षेत्र जुड़े हुए हैं। एबी रोड और रेलवे लाइन भी बहुत नजदीक है। ऐसे में छोटी घटना भी भयावह रूप ले सकती है।(इंजी. प्रवीण पटेल, अग्निशमन विशेषज्ञ)
सुरक्षा-व्यवस्था का आकलन करेंगे
मेरे सामने तीनों में से किसी भी कंपनी ने झुग्गी-झोपड़ी हटाने के संबंध में आवेदन नहीं किया। आवेदन आया है और पुलिस ने ढील बरती है तो जांच कराएंगे। जयपुर की घटना के बाद मांगलिया डिपो की सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया जाएगा। - विपिन माहेश्वरी, एसएसपी
कंपनियों के पास हैं उपकरण
इंदौर में जयपुर जैसी घटना होना बड़ी बात होगी। वैसे पेट्रोलियम कंपनियों के पास सुरक्षा के पर्याप्त उपकरण हैं। सुरक्षा और पुख्ता करने के लिए विचार किया जाएगा। झुग्गी-बस्ती हटाने के लिए डिपो का कोई आवेदन नहीं मिला। आवेदन करने के बजाय डिपो अधिकारियों को इसे गंभीरता से लेकर जिला प्रशासन से मिलना चाहिए। - नारायण पाटीदार, एडीएम
प्राथमिक स्थिति से निपट सकते हैं
हमारे डिपो की हाइडेंट लाइन में 70 लाख लीटर पानी और १क् हजार किलो फोम सहित सुरक्षा के अन्य उपकरण रहते हैं। बड़ा हादसा होने पर कुछ नहीं कहा जा सकता। - ए.के. ब्यौहार, वरिष्ठ डिपो प्रबंधक, इंडियन ऑयल
फैलने पर फाइट नहीं कर सकते
मांगलिया डिपो में कभी हादसा हुआ तो शुरू में स्थिति संभाल ली तो ठीक है, वर्ना कुछ नहीं कहा जा सकता। वैसे, किसी डिपो में आग फैलने पर कोई भी फाइट नहीं कर सकता। - अविनाश चंद्रा, डिप्टी मैनेजर, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम
बड़ी घटना होने पर सब फेल
आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड सक्षम है। यदि घटना जयपुर की भांति भयानक हुई तो कोई भी कुछ नहीं कर सकता। - बी.एल. गंधर्व, एसपी फायर
हेड ऑफिस से मिलेगी जानकारी
डिपो से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी मैं नहीं दे सकता। हेड ऑफिस में चर्चा करें। - राजेश शेगांवकर, डिपो इंचार्ज, भारत पेट्रोलियम