जयपुर. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के डिपो में जब विस्फोट हुआ, उससे महज आधा घंटा पहले आसपास की दर्जनों फैक्ट्रियों में एक हजार से अधिक लोग काम कर रहे थे। डिपों में अत्यधिक रिसाव होने से फैली गंध के कारण कर्मचारी फैक्ट्रियों से निकलकर मुख्य सड़क पर आ गए। इस दौरान करीब साढ़े सात बजे डिपो में विस्फोट हो गया। समय रहते अगर कर्मचारी फैक्ट्रियो से बाहर नहीं आते तो पांच सौ से अधिक लोग इस विस्फोट की चपेट में आ जाते-
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम करीब पांच बजे से ही डिपो में रिसाव तेज हो गया था। शाम को पौने सात बजे तक हो हालत ये हो गए थे कि डिपो के आसपास काम करने वाले कर्मचारी नाक पर हाथ रखकर फैक्ट्रियों से बाहर आना शुरू हो गए।
गंध बढ़ती गई और लोग इससे बचने के लिए डिपो से दूर जाते गए। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली तो पुलिस के आला अधिकारी सीतापुरा पुलिया के पास पहुंचकर कर्मचारियों को वहां से हटाते रहे, जबकि आईओसीएल के चीफ ऑपरेशन मैनेजर राजेश सयाल का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान पचास से साठ कर्मचारी व अधिकारी तथा अन्य लोग डिपो में रहते हैं। शाम को छह बजे बाद ऑपरेशन बंद हो जाता है। ऐसे में केवल चार से छह लोग ही मौजूद रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे में ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों को रिसाव का अहसास होने पर भी उन्होंने गंभीरता नहीं दिखाई।
उस समय तो पाइपलाइन हिली थी: आईओसीएल डिपो में इस तरह की लापरवाही पूर्व में भी हो चुकी हैं। टैंकर चालकों का कहना है कि पूर्व में कई बार पाइपलाइन को सपोर्ट करने वाला स्टैंड टैंकरों की आवाजाही से गिर चुका था। इस बारे में अधिकारियों को कहा भी गया कि इसकी बनावट इस तरह से की जाए ताकि टैंकरों से स्टैंड टकराए नहीं। पूर्व में जब इस तरह की घटनाएं हुई थीं तब पाइपलाइन हिल गई थी, लेकिन लीकेज नहीं आया था। संभवत: वैसी ही लापरवाही इस हादसे के पीछे हो सकती है।
चार आदमी गए थे लीकेज ठीक करने : लीकेज अत्यधिक बढ़ गया था, लेकिन आईओसीएल का एक भी उच्च पदस्थ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंच सका। बाद में डिपो का ही एक इंजीनियर तथा तीन पंपकर्मी इसे ठीक करने अंदर गए थे। वे अंदर पहुंचे थे कि जोरदार धमाके के साथ विस्फोट हो गया।
कई शव होने का अंदेशा : पुलिस को अभी भी डिपो के अंदर कई लोगों के शवों के अवशेष होने का अंदेशा है। विस्फोट के बाद डिपो की रेलवे लाइन की तरफ की दीवार उड़ गई तथा करीब एक हजार से अधिक पेड़ों की शाखाएं टूट कर डिपो परिसर से बाहर जा गिरी। डिपो परिसर की दीवार के पास पुलिस को शुक्रवार को एक ओर लाश मिली है। मृतक के शरीर पर जलने के निशान नहीं है। उसने बनियान पहन रखा है। भीषण आग के बाद भी सुरक्षित बनियान मिलने से मौके पर उपस्थित आईओसीएल के अधिकारियों का कहना था धमाके की आवाज से उसकी मौत हो गई।
एक घंटे बाद हुए सामान्य: लीकेज की सूचना के बाद मौके पर पूर्वी इलाके के पुलिस अधिकारी पहुंच गए थे। धमाका सुनकर वहां खड़े लोगों तथा पुलिसकर्मियों में भगदड़ मच गई। पुलिसकर्मी करीब एक घंटे बाद सामान्य हुए। पुलिस अधिकारी ने भी करीब आधा किलोमीटर तक पैदल दौड़कर अपनी जान बचाई।
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