खतरों के बयानः हादसे की जांच के लिए बनेगी कमेटी
खतरों के बयानः हादसे की जांच के लिए बनेगी कमेटी
Bhaskar News Saturday, October 31, 2009 05:06 [IST]  

Fire in jaipurजयपुर. हादसे के बाद सरकार की सक्रियता दिखाने के बाद केंद्रीय मंत्री मुरली देवड़ा जयपुर आए जरूर, लेकिन कोई उम्मीद जगाकर नहीं गए। फोरी बयान, थोथे आश्वासन और भविष्य में सावधानी बरतने का महज दावा।

सीतापुरा स्थित इंडियन ऑयल डिपो में हुए अगिAकांड की जांच के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी के गठन की घोषणा की है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने शुक्रवार को यहां बताया कि यह कमेटी 42 दिन में सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।

एचपीसीएल के सेवानिवृत्त चेयरमैन महेश बी. लाल की अध्यक्षता में गठित होने वाली इस कमेटी में ओएनजीसी के कार्यकारी निदेशक, अगिAकांड से निबटने वाले तेल क्षेत्र के विशेषज्ञ और राजस्थान के पेट्रोलियम सचिव गोविंद शर्मा इसके सदस्य होंगे।

देवड़ा ने बताया कि फिलहाल आग बुझने का इंतजार करने के अलावा कोई और चारा नहीं है। सीतापुरा ऑयल डिपो को आबादी क्षेत्र से बाहर ले जाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सुझाव अच्छा है और इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

इंडियन ऑयल देगा मुआवजा : आईओसीएल के चेयरमैन सार्थक बेहुरिया ने बताया कि मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख, घायलों को दो-दो लाख और आंशिक रूप से घायलों को एक—एक लाख रुपया मुआवजा दिया जाएगा। यह मुआवजा राज्य सरकार से मिलने वाले मुआवजे से अलग होगा।

देवड़ा ने लिया जायजा, मुख्यमंत्री के साथ बैठक : केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा,आईओसील चेयरमैन सार्थक बेहुरिया और पेट्रोलियम मंत्रालय के संयुक्त सचिव अपूर्व चंद्रा ने शुक्रवार सुबह जयपुर पहुंचकर घटनास्थल का दौरा किया। देवड़ा ने अधिकारियों की टीम के साथ घटनास्थल के बाद एसएमएस अस्पताल में जाकर हादसे में घायलों की कुशलक्षेम पूछी।

इसके बाद यहां खासाकोठी में उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और आला अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें राहत और बचाव कार्यो की प्रगति पर चर्चा की। बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. सी.पी. जोशी, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री नमोनारायण मीणा, राज्य के उद्योग मंत्री राजेंद्र पारीक, खाद्य मंत्री बाबूलाल नागर और चिकित्सा विभाग के प्रमुख सचिव जी.एस. संधु मौजूद थे। इस बैठक के बाद देवड़ा दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

टर्मिनल में करीब 50 हजार किलोलीटर पेट्रो उत्पाद था, जिसकी कीमत करीब एक सौ चालीस करोड़ रुपए डिपो के जलने से करीब 160 करोड़ रुपए का नुकसान

लापरवाही से भरे बयान

आग अपने आप बुझने का इंतजार करना होगा। इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है।
- मुरली देवड़ा केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री

जांच समिति गठित कर दी गई है। जो भी सुझाव आएंगे, राज्य सरकार उन पर अमल करेगी।
-रामलाल जाट पेट्रोलियम मंत्री (राजस्थान)

पेट्रोलियम डिपो में आग जैसे हालातों से निपटने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। आगजनी, बम विस्फोट, बाढ़, भूकंप और अन्य ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए जिला स्तर पर पहले ही आकलन और व्यवस्था करके रखी जाती है। आपदा प्रबंधन विभाग प्रशासन को सहयोग देता है।
- तन्मय कुमार, सचिव, आपदा एवं राहत प्रबंधन विभाग

शहर में और भी हैं खतरे

विश्वकर्मा क्षेत्र में भारत पेट्रोलियम का एलपीजी प्लांट।
क्षमता रोजाना 24,000 गैस सिलेंडर भरने की है।
जाम नगर-लोनी एलपीजी पाइप लाइन।
इसके आसपास सघन आबादी। जेडीए ने दो आवासीय योजनाएं हाथोज विस्तार व मूर्ति कला कॉलोनी पाइप लाइन के इर्द-गिर्द बसा दी है।
सुभाष चौक पर 150 मीटर की दूरी में तीन पेट्रोल पंप।
इनके अलावा कई पेट्रोल पंप घनी आबादी के बीचोंबीच स्थित हैं। सांगानेरी गेट पर पेट्रोल पंप के ऊपर से स्लिप लेन बनी हुई है।
43 गैस एजेंसियों के गोदाम 8 पंपों पर पेट्रोल व ऑटो एलपीजी एक साथ बेचे जाते हैं।

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