Chandigarh
‘वीजे बनने का सपना हुआ सच’
गौरव भाटिया Sunday, November 01, 2009 04:20 [IST]  

चंडीगढ़. रोडीज से करिअर की शुरुआत करने वाले आयुष्मान वीजे बनकर बेहद खुश हैं। वे एमटीवी के शो यंगिस्तान और स्ट्रीप्ड के एंकर हैं। वे कहते हैं कि एमटीवी के रियलिटी शो में हिस्सा लेते वक्त सोचा न था कि वहीं का होकर रह जाऊंगा। वह शनिवार को सेक्टर—10 स्थित डीएवी कॉलेज में ‘भास्कर’ से बातचीत कर रहे थे।



आयुष्मान इस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। इससे पहले आयुष्मान ने कॉलेज के ड्रामेटिक क्लब आगाज के सदस्यों से मुलाकात की। क्लब के पुराने साथियों ने उन्हें बुलाया था। इस दौरान आयुष्मान ने अभिनेता धर्मेद्र, सन्नी देओल और शाहरुख खान की मिमिक्री कर साथियों और कॉलेज स्टाफ का मनोरंजन किया।



नहीं पल्ले पड़ी फिजिक्स और केमिस्ट्री: आयुष्मान का कहना है कि प्लस टू मेडिकल स्ट्रीम से किया है पर फिजिक्स और केमिस्ट्री कभी पल्ले नहीं पड़ी। शुक्र है कि परीक्षा के समय खास दोस्त अगली सीट पर बैठता था। वह कहते हैं कि वर्ष 2001 में डीएवी कॉलेज में बीए के लिए प्रवेश लिया।



इस दौरान डिबेट, डेकलामेशन और क्विज में हिस्सा लिया। एक बार कॉलेज की प्ले टीम में शामिल होने का मौका मिला। प्ले प्रतियोगिता में देश के विभिन्न कॉलेजों की टीमों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। तभी से ठान लिया था कि कुछ कर दिखाना है। घरवालों से छिपकर कॉलेज में प्ले वर्कशॉप लगाए। फिर आईआईटी मुंबई में नेशनल प्ले की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।



इसमें टीम को क्रिटिकली एकलेम्ड अवॉर्ड मिला। वर्ष 2002 में इस प्रतियोगिता में दोबारा हिस्सा लिया और पहला पुरस्कार जीता। इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2004 में पीयू से मास कम्युनिकेशन का डिप्लोमा किया।



बड़े पर्दे पर दिखने की तमन्ना: आयुष्मान कहते हैं कि थियेटर करने के बाद दिल्ली में डेढ़ साल तक आरजे का काम किया। थियेटर और आरजे का अनुभव वीजे बनने में बहुत काम आया। आयुष्मान का कहना है कि व्यस्तता के कारण जॉन अब्राहम की 1800 लव, करण जोहर की आई हेट लव स्टोरीज फिल्मों को नहीं कर सका पर बड़े पर्दे में दिखने का ख्वाब सीने में पल रहा है।

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