कायम है दिलों पर बादशाहत...
Himanshu Bajpai Monday, November 02, 2009 00:15 [IST]  

sकिंग खान के नाम से मशहूर शाहरुख खान की बादशाहत फ़िल्मी दुनिया की रंगीनियों से लेकर फैन्स के दिलों की वादियों तक शिद्दत से कायम है।



 समकालीन हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े नुमाइंदों में से एक शाहरुख अपनी फिल्मों में ज्यादातर मुहब्बत के नाज़ुक रूमानी अहसासों में गुम शख्स की भूमिका निभाते नज़र आते हैं लेकिन अदाकारी के इस बादशाह के लिए असल ज़िन्दगी कभी फूलों की सेज की तरह नहीं रही।



आज भी नहीं जब की वह उम्र के एक नए साल में कदम रख रहे हैं। बुलंदी पर काबिज़ होते हुए भी उनका परवाज़ लगातार जारी है।छोटे परदे से होते हुए पहली बार अपने दर्शकों के बीच पहुचे शाहरुख आज भी इस बात के लिए सबसे बड़ा अपवाद हैं की टीवी सितारे की चमक बड़े आसमान पर कम हो जाती है।



अपने बिलकुल शुरूआती सीरियल फौजी में उन्होंने एक निष्ठावान सिपाही की भूमिका निभाई थी और बड़े परदे पर भी उनके निभाए किरदारों का सबसे बड़ा चारित्रिक गुण निष्ठा ही रहा।



कुछ कुछ होता है में उन्होंने दोस्ती को प्रेम के समतुल्य ला खडा किया तो दिल वाले दुल्हनिया ले जायेंगे में एक धीर और उदात्त प्रेमी की भूमिका में नज़र आये। परदेस, यस बॉस और कभी ख़ुशी-कभी गम जैसी फिल्में भी इसी सिलसिले में आगे बढती दिखाई देती है।



हलाँकि मोहब्बतें, फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी और चक दे इंडिया में उनकी निष्ठा एक जिद में बदलती दिखाई देती है। ये जिद उस जिद से मिलती जुलती है जिसने उन्हें दिल्ली की गलियों से उठाकर मायानगरी की बुलंदियों तक पंहुचा दिया।



दिल्ली में पैदा हुए और पले बढे शाहरुख ने जामिया मिलिया विश्वविद्यालय से जनसंचार की पढाई की है शायद इसी वजह से वे मीडिया को लेकर ज्यादा बेबाक राय रखते हैं। अलग अलग श्रेणियों में कुल मिलाकर ग्यारह फिल्मफेयर अवार्ड्स जीत चुके शाहरुख का स्टारडम पिछले दो दशकों में वैसा ही रहा है जैसा सत्तर और अस्सी के दशक में अमिताभ बच्चन का था।



शायद इसीलिए शाहरुख के समक्ष अगर कोई एक प्रतिमान बार-बार आता है या लाया जाता है तो वह अमिताभ बच्चन का ही है। डॉन और कौन बनेगा करोड़पति के मंच इन दोनों सितारों की प्रतिभा की कसौटी बनते रहे हैं।



समकालीनों में आमिर और सलमान के साथ मिलकर शाहरुख वो खान तिकडी बनाते हैं जिसने पिछले दो दशको में भारतीय जनमानस को सबसे ज्यादा लुभाया है। हलाँकि इनके आपसी विवादों ने उसे खूब निराश भी किया है।



काजोल के साथ उनकी जोड़ी की लोकप्रियता बीते ज़माने की राजकपूर नर्गिस और रेखा-अमिताभ से भी ज्यादा सफल और लोकप्रिय है तो असल ज़िन्दगी में गौरी उन्हें पूरा करती दिखाई देती हैं।



आज जब फ़िल्मी दुनिया में लगातार नयी प्रतिभाएं कदम रख रहीं हैं तो उम्र के चौथे दशक में खड़े शाहरुख की बुलंदी उनसे और कड़ी मेहनत और साधना की मांग करती हैं। इसी से वे ओम शांति ओम में सिक्स पैक एब्स में नज़र आते हैं।



बावजूद इसके की उनके पीठदर्द ने पिछले कुछदिनों में उन्हें ही नहीं उनके फैन्स को भी परेशान किया है। लेकिन इस जन्मदिन पर किंग खान के फैन्स उनके लिए यही दुआ करेंगे की उनके दिलों पर शाहरुख का राज इसी तरह कायम रहे।



 



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