Career
फैशन जर्नलिज्म रिपोर्टिग रैंप की
गौरी राणो Monday, November 02, 2009 02:41 [IST]  

फैशन आज हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। लोगों को फैशन जगत की हलचलों और इसमें होने वाले नित नए बदलावों के बारे में जानने की उत्सुकता बनी रहती है। फैशन जर्नलिस्ट बनकर आप उनकी इस जिज्ञासा को पूरी करने के साथ-साथ अपना भविष्य भी संवार सकते हैं।

फिल्में और फैशन मेरी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा हैं- यह कहना है रितु कोचर का जो आज चौंतीस साल की उम्र में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन की संस्थापक निदेशक हैं। कोचर का कहना है कि फैशन के क्षेत्र में काफी प्रतिस्पर्धा है और यदि आप इस क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं तो आपको काफी पढ़ना होगा, रिसर्च करनी होगी और देश-दुनिया की फैशन संबंधी गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी होगी।

कार्य की प्रकृति फैशन जर्नलिस्ट का काम काफी चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ रोमांचक भी है। फैशन जर्नलिस्ट का मुख्य कार्य फैशन जगत के बदलते ट्रेंड्स के बारे में लोगों को अवगत कराना है। इसके लिए आपको इस क्षेत्र की पूरी जानकारी होनी चाहिए। आपके लिए फैशन की नई-नई रेंज, डिजाइनर्स और ट्रेंड्स पर बराबर निगाह रखते हुए इनका रिव्यू करना, संबंधित पीआर कंपनियों के साथ संपर्क बनाना इस क्षेत्र में आगे बढ़ने में मददगार साबित हो सकता है।

संभावनाओं के साथ चुनौती ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में देश-विदेश में फैशन इंडस्ट्री तेज गति से आगे बढ़ रही है। इस लिहाज से इसमें आगे बढ़ने की संभावनाएं तो हैं ही, लेकिन यहां आपको कड़ी प्रतिस्पर्धा का भी सामना करना पड़ सकता है। यहां काम का कोई सीमित दायरा नहीं है।

संवारें खुद को पिछले साल वैश्विक स्तर पर छाई मंदी के चलते कई कंपनियों ने अपने खर्चे में कटौती की। फैशन इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं है। इसमें नई नौकरियां बंद हो गईं। कोचर की राय यह है कि ऐसे में सिर्फ इंतजार करने के बजाय छात्रों को अपनी प्रतिभा दर्शाने के नए-नए रास्ते तलाशने चाहिए।

युवा और महत्वाकांक्षी फैशन राइटर्स को इंटरनेट पर राइटिंग/ब्लॉगिंग शुरू करनी चाहिए। कई बार डिजाइनर्स, फैशन एडिटर्स फेसबुक या ऑरकुट जैसी सोशल नेटवर्किग साइट्स पर ऑनलाइन इस क्षेत्र से जुड़ी प्रतिभाओं की तलाश में रहते हैं। नए दौर के फैशन लेखकों को इस क्षेत्र में कड़ी चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए। इसके बारे में आप काफी रिसर्च करें, कट्स/ड्रेप्स, टेक्सटाइल्स, कलर, फैब्रिक्स इत्यादि के बारे में पढ़ें। फैशन के इतिहास के बारे पढ़ें।

आपके लिए यह जानना लाभदायक होगा कि विश्वयुद्धों ने फैशन को किस हद तक प्रभावित किया, मंदी के चलते फैशन में कैसे बदलाव आए। अपने आपको इस क्षेत्र में हाई प्रोफाइल और ग्लैमर तक सीमित न रखें। आपके हर नए काम के साथ आपकी योग्यता की परीक्षा होगी। अपने काम की महत्ता समझें और अपनी सोच के दायरे को हरसंभव विस्तार दें।

फैशन जर्नलिज्म भी अन्य किसी तरह की पत्रकारिता की तरह ही महत्वपूर्ण है। सबसे महत्वपूर्ण बात, अपनी अलग सोच विकसित करें और दूसरों से प्रभावित होने से बचें।



शीर्ष फैशन संस्थान
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन।
पर्ल अकादमी ऑफ फैशन।
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी।
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