जयपुर. नगर निगम, परिषद और पालिका के चुनाव में सांसद और विधायक चुनाव लड़ने के लिए मैदान में नहीं उतर सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एक ही व्यक्ति पार्षद और अध्यक्ष, सभापति और महापौर का चुनाव एक साथ नहीं लड़ सकेगा।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर जारी निर्देशों के अनुसार पहले से चुने हुए सांसद और विधायकों के साथ जिला परिषद के प्रमुख, प्रधान, पार्षद भी इस चुनाव के लिए योग्य नहीं माने जाएंगे। यदि उनको चुनाव लड़ना है तो पहले उनको इस्तीफा देना होगा।
ऐसा क्यों किया : स्थानीय निकायों और उनके प्रमुखों को अधिक सशक्त करने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि सासंद और विधायकों के भी इस क्षेत्र में चुनाव लड़ने के लिए आ सकते हैं। विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में सासंदों और विधायकों को मैदान में उतारने की परंपरा रही है। इसके चलते जहां नए लोगों को मौका नहीं मिल पाता, वहीं उन क्षेत्रों में उपचुनाव की स्थिति झेलनी पड़ती है।
कानून में रह गई चूक : निकाय प्रमुख के चुनाव लड़ सकने वालों की सूची में पार्षद भी जुड़ गया है। ऐसे में वर्तमान में चल रहे कार्यकाल से जुड़ा कोई पार्षद भी अध्यक्ष, सभापति और महापौर के पद का चुनाव नहीं लड़ सकता। अगर उसे चुनाव लड़ना है तो उसे इस्तीफा देना होगा, चाहे उसका कार्यकाल 10—15 दिन का ही क्यों न बचा हो।
दो पदों पर नहीं नामांकन : स्थानीय निकाय के चुनाव एक प्रत्याशी पार्षद और अध्यक्ष पद के लिए एक साथ नामांकन नहीं भर सकेंगे। अगर किसी ने भर भी दिया है, तो उसे नाम वापस लेने की अंतिम तिथि से पहले नामांकन वापस लेना होगा, अन्यथा दोनों पर्चे खारिज हो जाएंगे।
दो शपथ पत्र देने होंगे : पर्चा भरने वालों को दो शपथ पत्र भरने होंगे। इसमें एक 27.11.1995 से पहले बच्चों की संख्या और दूसरे में इसके बाद के बच्चों की संख्या, नाम, जन्म तिथि और अन्य आयु का उल्लेख करना होगा। नामांकन 7 नवंबर से भरने शुरू होंगे और ये कार्य दिवसों में प्रात:10.30 से दोपहर 3 बजे तक पेश किए जा सकेंगे।
प्रत्याशी चयन समिति में वसुंधरा राजे भी शामिल
स्थानीय निकाय चुनाव के प्रत्याशी चयन के लिए गठित भाजपा की प्रदेश स्तरीय समिति में पूर्व मुख्यमंत्री को भी शामिल किया गया है। इस समिति में 15 सदस्यों को शामिल किया गया है। यह समिति राज्य में हो रहे 46 निकायों के चुनाव में प्रत्याशियों के चयन को अंतिम रूप देगी।
इस समिति में प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व उपमुख्यमंत्री हरिशंकर भाभड़ा, भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रामदास अग्रवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ललित किशोर चतुर्वेदी, रघुवीर सिंह कौशल, गुलाबचंद कटारिया, डॉ. महेशचंद्र शर्मा, ओमप्रकाश माथुर, विधायक दल के उपनेता घनश्याम तिवाड़ी, पूर्व मंत्री मदन दिलावर, औंकारसिंह लखावत, भगवती झाला, सतीश पूनिया और मुमताज अली भाटी को मनोनीत किया गया है। यह समिति नगर निगम, परिषद और पालिका में महापौर, सभापति और अध्यक्ष और पार्षदों के लिए प्रत्याशी का चयन करेगी।
निकाय चुनाव में पार्षदों के लिए 17 हजार आवेदन
भाजपा को नगरीय निकाय के चुनाव में पार्षदों के टिकट के लिए 17 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इसमें सर्वाधिक जयपुर नगर निगम क्षेत्र में मिले है, जहां 1000 से अधिक आवेदन तो प्रदेश अध्यक्ष को ही सौंपे गए हैं। राज्य के 24 जिलों की 46 पालिकाओं के 1612 वार्डो में 23 नवंबर को चुनाव होने हैं। निकाय प्रमुखों के चुनाव अलग से होने से इनकी संख्या और बढ़ जाएगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण होने के कारण इनके आवेदनों की संख्या अधिक रही हैं।
चार निगमों में आवेदन : जयपुर, जोधपुर, कोटा और बीकानेर नगर निगम में पार्षदों के चुनाव के लिए सर्वाधिक आवेदन मिले हैं। जयपुर के 77 वार्डो के लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को एक हजार से अधिक आवेदन और पर्यवेक्षक औंकारसिंह लखावत को 750 आवेदन मिले हैं। आवेदकों ने विधायकों, हारे हुए प्रत्याशियों और अन्य नेताओं को भी आवेदन सौंपे हैं। लखावत के अनुसार जयपुर में महापौर के लिए 10 आवेदन मिले हैं, जिनमें मंजू शर्मा, ममता भार्गव, सुमन शर्मा, शील धाभाई, संतोष पोशवाल, निशी मुकेश और नीता खेतान के नाम प्रमुख हैं।
इसी प्रकार जोधपुर में 65 वार्ड हैं और इनके लिए 718 आवेदन मिले हैं। पर्यवेक्षक शांतिलाल चपलोत के अनुसार जोधपुर में महापौर के लिए मिले 12 आवेदनों में राजेंद्र गहलोत, राजेंद्र कुमार गहलोत, प्रसन्न मेहता, मेघराज लोहिया, दामोदर बंग, घनश्याम ओझा, हरिगोपाल राठी और डॉ. चिमनसिंह परिहार के नाम प्रमुख हैं।
कोटा के 60 वाडों के लिए 650 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हंै। यहां भी महिला आवेदकों की संख्या अधिक बताई जाती है। पर्यवेक्षक सतीश पूनिया के अनुसार महापौर के लिए 19 आवेदन आए हैं। इनमें सुमन श्रंगी, राखी दाक्षित, अरुणा अग्रवाल, सुनिता व्यास, शर्मिला विजयवर्गीय, संगीता महेश्वरी और कृष्णा खंडेलवाल के नाम प्रमुख है।
बीकानेर में 60 वार्डो के लिए 393 आवेदन मिले हैं। यहां महापौर के लिए सर्वाधिक 57 आवेदन मिले है। इनमें अखिलेश प्रताप सिंह, मोहन पूनिया, श्याम हादला, श्याम किराड़ू, आनंद सिंह भाटी, लक्ष्मीनारायण पारीक, नंदलाल व्यास, मुमताज अली भाटी, गुमानसिंह राजपुरोहित, भानु व्यास और गोकुल जोशी के नाम प्रमुख हैं। यहां पर्यवेक्षक महावीर प्रसाद जैन है।
बागी नेताओं को नहीं मिलेगा पालिका चुनावों में कांग्रेस का टिकट
स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी के विरोध में काम कर चुके बागियों टिकट नहीं देगी। प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने पर्यवेक्षकों को इस संबंध में स्पष्ट हिदायत दी है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे नेताओं को इन चुनावों में टिकट नहीं दिए जाएं। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सत्येंद्र सिंह राघव ने बताया कि पर्यवेक्षकों की ओर से सुझाए गए पार्षद और अध्यक्ष के दावेदारों के नामों पर प्रदेश कांग्रेस अंतिम फैसला करेगी और उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा भी प्रदेश स्तर से ही की जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस के फैसले के अनुसार पालिका चुनावों में पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ काम करने वालों को तुरंत छह साल के लिए कांग्रेस से निकाल दिया जाएगा। इसके अलावा पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ने वालों को भी मौके पर ही पार्टी से निकालने के अधिकार जिला कांग्रेस कमेटी को दिए गए हैं। पालिका चुनावों में पार्टी की खिलाफत करने वाले नेता—कार्यकर्ताओं को राजनीतिक नियुक्तियों में भी जगह नहीं दी जाएगी।
युवा कांग्रेसी चुनाव लड़ने से नहीं डरें : राजा
युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान प्रभारी अमरेंद्र सिंह राजा ने कहा है कि संगठन चुनावों में हर युवा कांग्रेसी को चुनाव लड़ने के लिए आगे आना चाहिए। युवक कांग्रेस के संगठन चुनाव आम युवा को राजनीति में प्रवेश करने की सीढ़ी बनेंगे। इन चुनावों में हारने वाले की भी एक तरह से जीत ही होगी। राजा रविवार को यहां शहर जिला युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में बोल रहे थे। सम्मेलन में युवक कांग्रेस के सदस्यता अभियान और संगठन चुनावोंे की तैयारियों पर विचार—विमर्श किया गया। सम्मेलन में एलआरओ वेदपाल, शहर युवक कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र वशिष्ठ और जिला प्रवक्ता मनीष यादव ने भी विचार व्यक्त किए।