चंडीगढ़. नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (एनआरएचएम) की ओर से पंजाब में शुरू की गई हॉटलाइन को लेकर उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल व स्वास्थ्य मंत्री लक्ष्मीकांता चावला आमने-सामने हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, 8 अक्टूबर को शुरू की गई इस सुविधा को चावला ने बंद करवा दिया था क्योंकि इसे शुरू करते समय उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया था। हालांकि बंद होने के 24 घंटे बाद ही सुखबीर बादल के दखल के बाद यह सुविधा दोबारा शुरू हो गई।
क्या है हॉटलाइन
एनआरएचएम ने लोगों के लिए यह सुविधा शुरू की है। इसके तहत लोग 0172-4005252 नंबर पर फोन कर कन्या भ्रूण हत्या की सूचना सीधे सरकार को दे सकते हैं। मिशन की ओर से प्रदेश में चलाए जा रहे कार्यक्रमों के संबंध में वह अपने सुझाव व शिकायतें भी इस नंबर पर दर्ज करा सकते हैं। साथ ही कहीं पर डायरिया, कॉलरा, मलेरिया, डेंगू या टीबी ेका रोगी मिलने पर उसकी सूचना भी इस नंबर पर दी जा सकती है।
इस नंबर पर किसी भी तरह की सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है। चूंकि एनआरएचएम के लिए फंड केंद्र सरकार देती है इसलिए इसके डायरेक्टर अनुराग अग्रवाल ने हॉटलाइन शुरू करने के लिए सीधे उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल से बात की और उनकी रजामंदी के बाद इसे शुरू कर दिया। सूत्रों के अनुसार, अग्रवाल की इस पहल से स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी नाराज थे और उन्होंने लक्ष्मीकांता चावला को गलत फीडबैक देकर इसे बंद करा दिया।
अग्रवाल का कहना है कि इस सुविधा को लोगों का अच्छा रिस्पांस मिला है। अब तक इस पर 325 कॉल्स आ चुकी हैं। हॉटलाइन को एक दिन के लिए बंद किया गया था लेकिन वह इसके बंद होने और दोबारा शुरू होने पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। दैनिक भास्कर ने इस मुद्दे पर लक्ष्मीकांता चावला के मोबाइल पर कई बार संपर्क किया लेकिन हर बार फोन किसी अमन नामक शख्स ने उठाया और कहा कि मंत्री जी अमृतसर में व्यस्त हैं।