Chandigarh
फैसलों के लिए मैं जिम्मेदार: शर्मा
भास्कर न्यूज Monday, November 02, 2009 03:15 [IST]  

चंडीगढ़. मेगा प्रोजेक्ट्स की खिलाफत और इन पर उठ रहे विभिन्न सवालों को चंडीगढ़ प्रशासक के पूर्व सलाहकार ललित शर्मा ने हास्यास्पद करार दिया है। वे रविवार को चंडीगढ़ में थे और जब उनसे पूछा गया कि आपके कार्यकाल में मेगा प्रोजेक्ट्स से संबंधित फैसलों पर चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक सवाल उठाए जा रहे हैं तो शर्मा बोले, ‘हर फैसला पूरी सोच समझ के तहत चंडीगढ़ की ग्रोथ को देखते हुए लिया गया। मेरे यहां से जो फैसले हुए उनके लिए न केवल मैं पूरी तरह जिम्मेदार हूं, बल्कि इनका पूरी तरह समर्थन भी करता हूं।’

आईटी पार्क की वकालत करते हुए शर्मा कहते हैं, ‘देखा यह जाना चाहिए कि जिस मकसद से इस प्रोजेक्ट की नींव रखी गई थी वह पूरा हुआ या नहीं। इस प्रोजेक्ट से चंडीगढ़ को क्या फायदा हुआ, कितना रोजगार मिला और सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट कितना बढ़ा। देश भर में आईटी को प्रोत्साहित करने के लिए कई तरह की रियायतें दी गई हैं, जबकि चंडीगढ़ आईटी पार्क में ऐसी कोई विशेष छूट नहीं दी गई। जिन लोगों की जमीन एक्वायर की गई उसका मुआवजा नियमों के मुताबिक तय किया गया है। भारत सरकार चाहे तो यह मुआवजा बढ़ाया भी जा सकता है।’

वे कहते हैं कि जिन प्रोजेक्ट्स को लेकर शोर मचाया जा रहा है उनमें से एक भी ऐसा नहीं है जो लोगों के साथ डिस्कस न किया गया हो। सभी प्रोजेक्ट लोगों के सामने हैं। हरेक में जमीन ऑक्शन के जरिए दी गई है। फिल्म सिटी, थीम पार्क और आईटी पार्क के हाउसिंग प्रोजेक्ट में भी। अब हम किसी की जुबां तो पकड़ नहीं सकते। सवाल तो किसी भी फैसले पर उठाए जा सकते हैं। लेकिन जब बात मेरिट पर होगी तो हमारे फैसले कहीं गलत साबित नहीं होंगे।’

ऑडिट रिपोर्ट में गलतियां

ऑडिट रिपोर्ट पूरी तरह सही नहीं है, हिसाब तक की गलतियां हैं इसमें। अजीब बात यह है कि प्रशासन को कम मुआवजा देने के लिए निशाना बनाया जा रहा है। ज्यादा सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि जिन लोगों की जमीन एक्वायर की जा रही है उनमें से कुछ के बहुत बड़े हित इससे जुड़े हैं।

ललित शर्मा, पूर्व सलाहकार
  Bookmark and Share
 


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: