वैश्विक बन रही हिंसा पर लगाम जरूरी
Bhaskar.Com Monday, November 02, 2009 05:36 [IST]  

जोधपुर. हिंसा को वैश्विक समस्या मानते हुए इसकी समाप्ति के लिए सामूहिक प्रयास करने की जरूरत के संकल्प के साथ ही जोधपुर में चले रहे मनोचिकित्सकों को नॉर्थ जोन के वार्षिक सम्मेलन का समापन रविवार को हो गया।

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के मनोविकार विभाग की ओर से आयोजित 34वें नॉर्थ जोन साइकेट्रिक सोसायटी के दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन का समापन शनिवार को मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में हो गया। समापन समारोह में सात राज्यों से आए प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न्ति एवं प्रमाण दिए गए।

सम्मेलन के अंतिम दिन शनिवार को आयोजित वैज्ञानिक सत्र में ‘वायलेंस’ पर विशेषज्ञ डॉक्टर्स अपने शोध पढे। सभी ने एक मत से हिंसा को एक गम्भीर सम्स्या बताते हुए तर्क दिया कि इसे किसी परिवार व समाज की निजी समस्या नहीं मान अंतरराष्ट्रीय समस्या मानना चाहिए। विशेषज्ञों ने हिंसा के कारणों व समाज पर पड़ने वाले प्रभावों पर मंथन किया। सभी विशेषज्ञों ने हिंसा को वैश्विक समस्या बताया।

वैज्ञानिक सत्र के प्रथम सत्र में दिल्ली से आए नेशन एकेडमी ऑफ मेन्टल साईसेंस के एमरिटस प्रो. एसडी शर्मा ने हिंसा के मनोनैदानिक कारणों पर अपना शोध पत्र पढ़ा। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के डॉ. मुश्ताक मगरूब ने हिंसा से समाज पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा करते हुए युवाओं की मनोस्थिति पर शोध पत्र पढ़ा। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. महावीरचंद ने अहिंसा पर अपना शोध पत्र पढ़ते हुए महात्मा गांधी सहित दूसरे महानपुरुषों के आंदलनों की चर्चा की और नवतकनीकों से अवगत कराया।

पुलिस अधीक्षक (जोधपुर ग्रामीण) शरत कविराज ने हिंसा के कानूनी पक्ष और सामाजिक पक्षों पर अपने विचार रखे। उन्होंने हिसां एवं अपराध को लेकर पुलिस की भूमिका पर विस्तृत उद्बोधन दिया।्र दूसरे सत्र में दिल्ली के डॉ. कर्नल जीआर गुलेछा ने मनोरोगियों पर दवाओं के प्रभाव पर अपने विचार रखे। उन्होंने इस दौरान समाज में बढ़ रही मनोरोगियों की संख्या पर भी चिंता जाहिर की।

मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद माथुर ने वृद्धावस्था में मनोरोग के प्रभाव, जयपुर के डॉ. शिवगौतम वृद्धावस्था में अचानक मानसिक बदलाव पर अपने विचार रखे। इसके अलावा डॉ. सुरेन्द्र कुमार, स्वामी भोमा चैतन्य, डॉ. अर¨वद व डॉ. कौशिक दास महापात्रा ने अपने शोध पत्र पढ़े और अध्ययनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि आज के दौर में बीमारियों से किस तरह से निपटा जाए।
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