रियलिटी शो के स्टार, चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात
agency Monday, November 02, 2009 10:56 [IST]  

realtyshowमुंबई. टेलीविजन पर इन दिनों दिखाए जाने वाले रियलिटी शो में भाग लेने वाले कई चेहरे रातो.रात स्टार बन जाते हैं लेकिन मेहनत के बजाय किस्मत के जरिए हाथ लगा यह स्टारडम महज चार दिन की चांदनी ही साबित होता है।इतना ही नहीं लोकप्रियता की आस लिए रियलिटी शो में भाग लिए लेने के आगे आने वाले समाज के अलग अलग क्षेत्नों के दिग्गजों और आम लोगों को कई बार लेने के देने भी पड जाते हैं। यानी जो कुछ मान सम्मान उन्होंने सार्वजनिक जीवन में काम करते हुए अíजत किया है रियलिटी शो में उसके गंवाने का खतरा भी पैदा हो जाता है।मनोविशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय समाज दरअसल अंतकर्विरोधों से जूझने वाला समाज है जिसमें कथित आधुनिकता के पीछे परंपराओं से जुडे रहने की दुविधा बराबर मौजूद रहती है।उनका कहना है कि इन दिनों टेलीविजन पर दिखाए जाने वाले अधिकांश रियलिटी शो पश्चिमी देशों में दिखाए जाने वाले इस तरह के कार्यक्रमों से प्रेरित हैं। पश्चिमी समाज और भारतीय समाज की सोच और संस्कृति में बहुत अंतर है। पश्चिमी मॉडल से प्रेरित कार्यक्रमों को शुरूआत में अपनी बोल्ड विषयवस्तु के चलते जरूर सफलता मिलती है लेकिन बाद में वह आलोचना का निशाना भी बनते हैं और उनमें भाग लेने वाले लोगों की लोकप्रियता का ग्राफ भी तेजी से नीचे गिरता है।बिग बॉस की ही बात करें तो कमाल आर खान नाम के एक शख्स इसमें बडे लंबे चौडे दावों के साथ शामिल हुए। मुंबई में गैर मराठीभाषी विवाद के उफान पर होने के समय खान ने उत्तर भारतीयों के समर्थन में एक ¨हदी फिल्म देशद्रोही बनायी जिसे इस विवाद के चलते लोकप्रियता भी मिली। कमाल खान इस कार्यक्रम में अपने एक साथी पर पानी का जग फेंकते हुए और गालियां देते हुए दिखाए गए और इसी के चलते उन्होंने कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया। शायद कमाल खान अब पछता रहे होंगे कि उन्होंने बिग बॉस में क्यों भाग लिया।चैनल स्टार प्लस पर दिखाए जाने वाले कार्यक्रम परफैक्ट ब्राइड में देश के अलग अलग स्थानों के कुछ युवक युवतियों और युवकों की माताओं को शामिल करते हुए लडकों के लिए मनपसंद दुल्हनियां की तलाश शुरू हुई।बिग बॉस से मिलती जुलती कल्पना वाले इस कार्यक्रम में आलम यह है कि धीरे धीरे यह समाप्त होने की कगार पर पहुंच रहा है लेकिन इसमें भाग लेने वाले सभी लोग भ्रम-संदेह और निराशा से घिर गए हैं। शुरूआत में इन सभी ने अपनी लोकप्रियता का खूब आनंद उठाया लेकिन अब उनके चेहरों की उदासी को साफ पढा जा सकता है।इस कार्यक्रम के लोकप्रिय प्रतिभागी राजबीर सिंह का आलम यह था कि उन्होंने लगभग गिडगिडाने वाले अंदाज में कहा कि अब वे इस कार्यक्रम में रूकने के इच्छुक नहीं है। दरअसल इस कार्यक्रम में जिस लडकी को वह अपना जीवनसाथी बनाने के इच्छुक है उसके साथ उनके लिव इन रिश्तों को लेकर किसी चैनल ने खबर चला दी और इससे राजबीर और उनका परिवार बहुत दुखी है।टेलीविजन पर दिखाए जाने वाले इन कार्यक्रमों में भाग लेने वाले कलाकारों और अन्य लोगों की लोकप्रियता का ग्राफ टेलीविजन की टीआरपी की तरह ही होता है१किसी हफ्ते वह शिखर पर होती है तो कुछ अर्से बाद धूल चाट रही होती है। हर टेलीविजन चैनल इन दिनों रियलिटी शो दिखा रहा है। ऐसे कार्यक्रमों में प्रतिभागी रोते हैं, हंसते हैं, गाते हैं, नाचते हैं,एक दूसरे के निजी जीवन पर छींटाकशी करते हैं और फिर लोकप्रिय होने की आस में किसी धूमकेतु की तरह एकबारगी चमक दिखा कर कहां खो जाते हैं यह शायद उन्हें भी नहीं मालूम होता है। चाहे चर्चित और विवादित कार्यक्रम सच का सामना हो या फिर म्यूजिक, डांस, अभिनय या फिर ऐसे अन्य विषयों पर केंद्रित रियलिटी शो। दिमाग पर बहुत जोर डालने पर यह याद नहीं आता है कि इन कार्यक्रमों में जीरो से हीरो बनते हमने जिसे देखा था, वो आज कहां हैं। ¨जदगी का यह सच इन रियलिटी शो के प्रतिभागियों को भी नहीं भूलना चाहिए कि सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता है।
  Bookmark and Share
 


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: