द अमेजिंग ट्रूथ एबाउट क्वीन राक्यूला : एक लेडीबॉय की दास्तान
Rajesh Yadav Monday, November 02, 2009 12:20 [IST]  

मुंबई



फिल्म : द अमेजिंग ट्रूथ एबाउट क्वीन राक्यूला
निर्देशक : ओल्फ डे लियोर जॉनेसन
संगीत : पावेल इ मिड
कलाकार : राक्यूला राइओस, स्टेफनी सी, ओलिविया गालेडू, ब्रेक्स विला




द अमेजिंग ट्रूथ एबाउट क्वीन राक्यूला एक ऐसी फिल्म है जो एक लेडी बॉय नाम की वेश्या की सच्ची घटना पर आधारित है जिस मुंबई फिल्म महोत्सव में दिखाया गया है।



यह एक ऐसी फिल्म है जिसे आप केवल सेक्स चेंज ऑपरेशन या नई पहचान के साथ जिंदगी जीने की कहानी नहीं है, बल्कि इससे इतर इसमें ऐसा बहुत कुछ है जो आप को



सोचने पर मजबूर करता है। निर्देशक ओल्फ डे लियोर जॉनेसन ने अपनी इस फिल्म के माध्यम से पिलीपींस के लेडी बॉय की सच्ची दास्तान के माध्यम से उनके धंधे, जिंदगी के दर्द, सपने और कुछ खोजने की चाह को बताने का प्रयास किया है।



देह बेचती लेडीबॉय क्या सच्चे प्यार की तलाश करती होगी? क्या उसके भी कुछ सपने होंगे जो वह पूरा करना चाहती है? दूसरों को अपना शरीर बेच कर जिंदगी जीती इन लेडी बॉय को भी मौत से डर लगता होगा क्या? ये कुछ ऐसे प्रश्न है जिस पर फिल्म में प्रकाश डाला गया है और साथ ही टैक्नॉलॉजी, पैसा और स्त्री के शरीर को आज के ग्लोबल समाज के आईने में विस्तार से देखने का नाम है द अमेजिंग ट्रूथ एबाउट क्वीन राक्यूला।



दरअसल फिलीपींस में देह व्यापार से जुड़ी क्वीन राक्यूला ये सब सपने देखती है। उसे सच्चे प्यार की तलाश है और शायद यहीं सोचकर वह शरीर का सौदा करने से पहले वह मर्द की खूबसूरती पर भी ध्यान देती है। और उसका एक बड़ा सपना और है एक दिन पेरिस जैसा शहर देखना, वहां की सड़के घूमना। इन सब बातों के बीच में वह इंटरनेट पर चैटिंग भी करती है ताकि उसे कोई ऐसा मिल जाएगा जो उसको इन सब मुसीबतों से बाहर निकाल ले जाएगा। कई लोग उससे वादा करते है वह कई बार एयरपोर्ट पर अपने सच्चे आशिक का इंतजार करती है लेकिन हर बार उसे निराशा हाथ लगती है। लेकिन इसी बीच उसे ट्रांससेक्सुअल पोर्न साइट पर एक जॉब मिल जाती है।



वेबसाइट का मालिक मिचेल लेडीबॉय विशेषज्ञ है जो कि न्यूयार्क से अपना व्यापार चलाता है,वह राक्यूला की मदद करने का वादा करता है। इंटरनेट की दुनियां में राक्यूला बहुत प्रसिद्ध हो जाती है और बहुत से दोस्त भी बनाती है, वह इस बात को बेहतर समझती है कि चैट के दौरान पुरुष क्या डिमांड करता है।



इसी बीच उसको न्यूयार्क जाने का अवसर मिलता है, यहा वह अपने एक लेडी बॉय के साथ दो माह रहती है, वह सेक्स संबधों से दूर रहकर घर में सफाई और नर्स का काम करके खुश रहती है, उसे लगता है कि उसकी जिंदगी बदल गई लेकिन दो माह का विजा खत्म होने की खबर सुनने से वह चिंतित हो जाती है। लेकिन इसी बीव उसका बॉस उसे एक यादगार तोहफा देते हुए पेरिस घूमाने के लिए ले जाता है, वह शहर जिसे वह बचपन से देखने के बारें में सोचती थी। कुछ दिन पेरिस घूमने के बाद फिर वह फिलीपींस वापस आ जाती है , वह थोड़ी निराश रहती है इसी बीच उसका बॉस कहता है अगली बार ब्राजील का लेडी बॉय कस्टम, और क्वीन राक्यूला हंस पड़ती है।



फिल्म का कथानक सच्ची घटना पर आधारित होने से जींवत बन पड़ा है, बोल्ड फिल्म है लेकिन सच कभी कभी इस तरह से सामने आता है। रॉक्यूला को एड्स है या नहीं जब यह जानने के लिए उसके हाथ में रिपोर्ट आती है तो वह डर जाती है, उसे याद आता है वह कई ऐसे कस्टमर के साथ सोई है जिन्होंने कंडोम यूज नहीं किया है।



वह डर जाती है लेकिन जैसे ही उसे पता चलता है कि वह पूरी तरह स्वस्थ है वह उछल पड़ती है। विभत्स और उर के भाव का अचानक खुशी और मुस्कान में बदलने का जो फिल्मांक निर्देशक ने किया है वह कमाल का है। राक्यूला रियोस ने लीड रोल में बेहतरीन काम किया है। अभी तक कई फिल्म समारोह में सराहना पा चुकी द अमेजिंग ट्रूथ एबाउट क्वीन राक्यूला को मुंबई फिल्म महोत्सव में भी दर्शकों ने खूब सराहार है। फिल्म खत्म होने के बाद तालियों का शोर तो यहीं कहता है।

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