काबुल। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून के अफगानिस्तान की आकस्मिक यात्ना पर पहुंचने से राष्ट्रपति पद के लिए सात नवंबर को होने वाले दोबारा चुनाव को रद्द किए जाने का दबाव बढ गया।
राष्ट्रपति हामिद करजई के एक मात्न प्रतिद्वंद्वी पूर्व विदेशमंत्नी अब्दुल्ला अब्दुल्ला के चुनाव से हटने के ऐलान के बाद दूसरे दौर के मतदान के औचित्य तथा अगली सरकार की वैधता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बान के यहां पहुंचने के बाद मतदान कराने की बात पर मंगलवार तक अडिग स्वतंत्न चुनाव आयोग ने आज सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करके अपने रख से हटने के संकेत दे दिए।
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