भाजपा को अपनी विचारधारा बदलनी होगी : जसवंत
एजेंसी Monday, November 02, 2009 17:49 [IST]  

Jaswantsinghपटना. निष्कासित नेता जसवंत सिंह ने भाजपा में लौटने या किसी अन्य पार्टी में शामिल होने की संभावना से इनकार करते हुए कहा है कि भाजपा की विचारधारा संकुचित होती जा रही है।



सिंह ने सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘जिस पार्टी ने मुझे निकाल दिया, उसमें लौटना कोई मुद्दा नहीं है। भाजपा की विचारधारा संकीर्ण हो गई है। यदि पार्टी आगे बढ़ना और लंबे समय तक कायम रहना चाहती है तो उसे अपनी विचारधारा बदलनी होगी।’



कोई महत्वाकांक्षा नहीं



सिंह ने अपनी पुस्तक ‘जिन्ना, पार्टीशन एंड इंडिपेंडेंस’ का उर्दू संस्करण जारी करने के मौके पर कहा, ‘मेरी किसी अन्य पार्टी में शामिल होने की महत्वाकांक्षा नहीं है।’ जिन्ना के बारे में अपनी टिप्पणियों को उचित ठहराते हुए उन्होंने कहा कि वे अपना रुख नहीं बदलेंगे तथा हिंदुओं व मुस्लिमों के बीच की दरार भरना जारी रखेंगे।



दहेज में नहीं मिला पद



लोक लेखा समिति (पीएसी) का अध्यक्ष पद छोड़ने को लेकर कथित दबाव के बारे में उन्होंने कहा, ‘यह पद मुझे भाजपा से दहेज में नहीं मिला है। सदन का सदस्य इस पद पर रह सकता है।’ गुजरात दंगों के बारे में सिंह ने दोहराया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी राज्य में नेतृत्व बदलने के पक्ष में थे।



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