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चीन अब अंतरिक्ष को भी बनाएगा सैन्य अड्डा
Agency Tuesday, November 03, 2009 00:31 [IST]  

बीजिंग. अपने रुख से पलटी खाते हुए चीन के वायु सेना प्रमुख ने अंतरिक्ष के सैन्यीकरण को ऐतिहासिक अनिवार्यता करार दिया है। पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के वायुसेना कमांडर जू कियलियांग ने सोमवार को कहा कि चीन रक्षात्मक और आक्रामक ऑपरेशन के लायक अपनी एकीकृत क्षमता को और विकसित करेगा। यह आकाश के साथ अंतरिक्ष में भी ऐसा करेगा।’



चीन वैसे तो अब तक बाहरी अंतरिक्ष के सैन्यीकरण का विरोध करता रहा है। उसने हाल ही में रूस के साथ मिलकर अमेरिका को आकाश के असैन्यीकरण की पेशकश भी की थी। उस समय वायुसेना कमांडर जू कियलियांग ने कहा था कि अंतरिक्ष में वर्चस्व का सीधा मतलब पृथ्वी और सागर पर भी वर्चस्व होगा। एक वायुसेना के तौर पर हम सभी को अपनी तलवारें म्यान में रख शांति को मौका देना चाहिए।



हालांकि चीन की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी शिन्हुआ को हाल ही में दिए इंटरव्यू में उनके सुर बदल गए हैं। पीएलए वायुसेना के 60 वें स्थापना-दिवस के कुछ दिनों पहले जू ने कहा, ‘पर्याप्त ताकत के बिना किसी भी देश की बात अंतरिक्ष के सैन्यीकरण के मामले में कोई मायने नहीं रखती।’



विकासशील देश भी पीछे नहीं



उन्होंने कहा कि न केवल दुनिया की बड़ी ताकतें, बल्कि कुछ विकासशील देश भी बाहरी अंतरिक्ष में अपने हथियार रखने के लिए जोर लगा रहे हैं। चीनी कमांडर ने यह साफ कर दिया कि पीएलए एक निश्चित समय के भीतर ही अंतरिक्ष सुरक्षा और वर्चस्व के लिए हथियार तैयार करेगा।



हित साधने की नई रणनीति



जू ने यह खुलासा भी किया कि वायुसेना ने शुरुआती चेतावनी प्रणाली, एयर-स्ट्राइक और एंटी-मिसाइल वायु प्रतिरक्षा को भी सुधारने की योजना बनाई है। साथ ही चीन के हितों को साधने की नई रणनीति भी बनाई जाएगी।



बीजिंग ने हाल ही में अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती पर नियंत्रण को लेकर अंतरराष्ट्रीय संधि के लिए समर्थन जुटाना चाहा था। इससे पहले 2007 में चीन ने अपने ही एक उपग्रह को गिरा कर दुनिया को चौंका दिया था। इस क्षमता से अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ शुरू होने की आशंका बढ़ गई थी।

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