वेलिंग्टन. गर्भपात करवाने वाली महिलाएं चिंता और तनाव से घिरी रहती हैं। एक नए अध्ययन में यह पता चला है। न्यूजीलैंड की ओटैगो यूनिवर्सिटी के अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि गर्भपात करवाने वाली महिलाएं तनावग्रस्त रहती हैं। इस अध्ययन में 500 महिलाओं को शामिल किया गया था।
यूनिवर्सिटी के साइकोलॉजिकल मैडीसन डिपार्टमैंट के प्रोफैसर डेविड फगरुसन ने सभी प्रतिभागियों का 15 से 30 साल की उम्र के दौरान 6 बार साक्षात्कार किया और पूछा कि गर्भपात का उन पर क्या असर पड़ा। 85 फीसदी से ज्यादा ने कहा कि गर्भपात का एक बार उन पर नकारात्मक असर पड़ा। उनके दिल में दुख, निराशा, अवसाद, पछतावे और चिंता के भाव आए।
अध्ययन में पता चला कि जिन महिलाओं के मन में नकारात्मक भाव आए, उनके गर्भपात न करवाने वाली महिलाओं के मुकाबले मानसिक समस्याओं से पीड़ित होने की संभावना 1.8 फीसदी अधिक थी। इस अध्ययन के नतीजे ब्रिटिश जर्नल ऑफ साइकैट्री में छपे हैं।