काबुल. अफगानिस्तान में हामिद करजई को फिर से राष्ट्रपति चुन लिया गया है। करजई के एकमात्र प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्ला अब्दुला के रविवार को चुनाव मैदान से हटने के बाद स्वतंत्र चुनाव आयोग ने दूसरे दौर के मतदान को रद्द कर करजई को निर्वाचित घोषित कर दिया।
स्वतंत्र चुनाव आयोग के अध्यक्ष अजीजुल्लाह लुदिन ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर के मतदान में करजई विजयी रहे थे। अब्दुल्ला के हटने के बाद सात नवंबर को होने वाले दूसरे दौर के मतदान के लिए वह एकमात्र उम्मीदवार रह गए थे। इसके बाद मतदान की कोई जरूरत नहीं रह गई थी। अब्दुल्ला ने मतदान के दूसरे चरण में भी धांधली होने का अंदेशा जताते हुए चुनाव मैदान से हटने की घोषणा की थी। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर पैदा हुए राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के प्रयासों के तहत संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून भी सोमवार सुबह काबुल पहुंच गए थे।
करजई पर एक नजर
हामिद करजई का जन्म 24 दिसंबर 1957 को दक्षिणी अफगानिस्तान के कांधार में हुआ। वह 2001 के अंत में देश में तालिबान शासन के सफाए के बाद प्रमुख अफगानी नेता के रूप में उभरे। शीर्ष अफगानी नेताओं ने 5 दिसंबर 2001 को बॉन (जर्मनी) में हुए सम्मेलन में उन्हें छह माह के लिए बनी अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया था। 2002 में वह दो वर्ष के लिए देश के अंतरिम राष्ट्रपति चुने गए। 2004 के राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल कर वह अफगानिस्तान इस्लामिक गणराज्य के पहली बार राष्ट्रपति बने।