ढाका. चीन के दबाव में बांग्लादेश ने तिब्बती लोगों की तकलीफों को दर्शाने वाली एक फोटो प्रदर्शनी पर रोक लगा दी है। पुलिस ने प्रदर्शनी स्थल ड्रिक गैलरी को सील कर दिया। इससे नाराज आयोजकों ने गैलरी के बाहर प्रदर्शनी लगाकर अपना विरोध जताया। आयोजकों ने पुलिस के आदेश और चीनी दूतावास के अनुरोध को टालते हुए यह प्रदर्शनी लगाई।
अर्थशास्त्री मुजफ्फर अहमद ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमें पड़ोसी देशों के बारे में जानने का हक है। यह हमारी आजादी है, जिस पर अंकुश लगाना गलत है। स्थानीय पुलिस अधिकारी के अनुसार आयोजकों ने इस प्रदर्शनी के आयोजन की इजाजत नहीं ली थी।
इसी कारण इस पर रोक लगाई गई है। दूसरी ओर स्थानीय समाचार पत्रों के अनुसार चीनी राजनयिकों ने मौके पर जाकर आयोजकों से प्रदर्शनी रोकने का आग्रह किया था। ‘द स्टूडेंट्स फॉर ए फ्री तिब्बत’ और ड्रिक संयुक्त रूप से इस प्रदर्शनी का आयोजन करने वाली थी।
ड्रिक गैलरी के शहीदुल आलम ने पुलिसिया हस्तक्षेप पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एक विदेशी ताकत की मर्जी पर प्रदर्शनी में क्या दिखाया जाए यह तय करना अपमानजनक है। चीनी दूतावास के प्रवक्ता के अनुसार यह प्रदर्शनी तिब्बत की आजादी के लिए समर्थन जुटाने के इरादे से आयोजित किया गया था। इसी कारण वे प्रदर्शनी का आयोजन रुकवाना चाहते थे। हमें पूरा यकीन है कि बांग्लादेश अपनी जमीन पर चीन विरोधी गतिविधियां नहीं होने देगा।