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बांग्लादेशी हिंदुओं को वापस मिलेगी संपत्ति
Agency Tuesday, November 03, 2009 01:14 [IST]  

Hasina ढाका. सोमवार को बांग्लादेश की कैबिनेट ने एक प्रस्तावित कानून को अपनी मंजूरी दे दी। इसके जरिए उन हिंदुओं की संपत्ति वापस लौटाई जा सकेगी, जिसे 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान छीन लिया गया था। उस वक्त बांग्लादेश, पाकिस्तान का ही पूर्वी भाग था।



प्रधानमंत्री के उप प्रेस-सचिव महबूबुल हक शकील ने पत्रकारों को बताया, ‘प्रधानमंत्री शेख हसीना की अध्यक्षता में कैबिनेट ने वेस्टेड प्रॉपर्टी रिटर्न (अमेंडमेंट) एक्ट 2009 को मंजूरी दे दी। इसे अब संसद में पेश किया जाएगा।’ यह प्रस्तावित कानून दरअसल पाकिस्तान के समय के उस विवादित कानून को खत्म करने के लिए हैं। इसे घोर अल्पसंख्यक विरोधी माना जाता रहा है। एकीकृत पाकिस्तान के दौर में इसे एनेमी प्रॉपर्टी एक्ट कहा जाता था।



तत्कालीन पाक सरकार ने यह कानून उन हिंदू परिवारों की संपत्ति को जब्त करने के लिए बनाया था, जो 1965 में भाग रहे थे। आजादी के बाद बांग्लादेश की सरकार ने इसे वेस्टेड प्रॉपर्टी एक्ट का नाम दिया था। नए प्रस्तावित कानून पर हालांकि कैबिनेट ने अंतिम मुहर कुछ संशोधनों के बाद लगाई है। इस प्रक्रिया से वाकिफ अधिकारियों ने बताया कि अब सरकार ‘लौटाने लायक और न लौटाने लायक’ संपत्तियों की सूची निश्चित समयांतराल में प्रकाशित करेगी।



इसी समय में दावेदार अपनी न लौटाई जा सकने वाली संपत्तियों की समीक्षा भी करा सकते हैं। इस कानून के तहत जिला और उपजिला स्तर पर सरकारी समितियां विवादित संपत्तियों का निपटारा करेंगी। अवामी लीगी ने अपने पहले शासनकाल (1996-2001) के बिल्कुल आखिर में इस कानून को दो वर्षो की समयसीमा के साथ मंजूरी दे दी थी।



हालांकि बाद की बीएनपी सरकार इसे दबा कर बैठ गई। इसकी वजह से इस कानून की स्वाभाविक मैत हो गई। सेना समर्थित अंतरिम सरकार ने भी आपातकाल के दौरान एक और अध्यादेश पारित किया था, लेकिन उसकी भी अकाल मृत्यु हो गई, क्योंकि अवामी लीग की सरकार ने उसे संसद में मंजूरी नहीं दी।

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