ब्रेकल को हर्जाना नहीं देगी सरकार
भास्कर न्यूज Tuesday, November 03, 2009 01:18 [IST]  

शिमला. हाईकोर्ट के आदेश के बाद रद्द किए गए ब्रेकल कंपनी की दो परियोजनाओं पर सरकार कंपनी को कोई हर्जाना नहीं देगी। हाईकोर्ट के आदेश को आधार बनाते हुए सरकार ने ब्रेकल को नोटिस जारी किया है।



अब परियोजनाओं के दोबारा आवंटन की प्रकिया शुरू होने वाली है। बिजली विभाग प्रोजेक्ट आवंटन रद्द होने के बाद निर्माण में देरी से होने वाले राजस्व नुकसान का आकलन तैयार करने में लगा है। सरकार ने भेजे नोटिस में कहा है कि जंगी थोपन और थोपन पोवारी ऊर्जा परियोजनाओं के आवंटन को अदालत के आदेश के बाद रद्द किया गया है, इस लिए सरकार कंपनी को कोई हर्जाना नहीं देगी।



960 मेगावाट की इन दो ऊर्जा परियोजनाओं का आवंटन विवादों में रहा था। रिलायंस ने परियोजना के आवंटन में कई अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाते हुए इसे कोर्ट में चुनौती दी थी। पूर्व ऊर्जा मंत्री विद्या स्टोक्स के कार्यकाल में जंगी—थोपन और थोपन पोवारी ऊर्जा परियोजनाओं का आवंटन ब्रेकल को हुआ था। उस समय वीरभद्र सिंह सीएम थे। भाजपा ने इसे बड़ा घपला बताते हुए वीरभद्र पर हमला बोला था। स्टोक्स ने उस वक्त ऊर्जा मंत्री रहते हुए इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी, लेकिन अदालत से परियोजनाओं का आवंटन रद्द करने के फैसले के बाद स्टोक्स इसकी सीबीआई जांच की मांग कर रही हैं।

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