चंडीगढ़. ‘अकसर महिलाओं को दुर्गा या शक्ति कहा जाता है। उन्हें देवी से तुलना के बजाय समाज में समानता का अधिकार चाहिए। महिलाएं इन दिनों घर के साथ हर क्षेत्र में बखूबी भूमिका निभा रही हैं। वह घर की चौखट से बाहर सिर्फ कामकाज ही नहीं कर रही बल्कि पुरुषों से कहीं बेहतर साबित हो रही हैं।’
यह कहना है केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री कुमारी शैलजा का। चंडीगढ़ प्रेस क्लब, सेक्टर 27 में आयोजित दूसरे महिला पत्रकार सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में उन्होंने यह बात कही। सम्मेलन का आयोजन चंडीगढ़ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने किया। कुमारी शैलजा ने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक पत्रकारिता में पुरुषों का ही वर्चस्व था।
अब मीडिया में महिलाओं की भागेदारी बढ़ी है। इस क्षेत्र में भी अच्छे प्रदर्शन के लिए महिलाओं को खूब मेहनत करनी चाहिए। उन्हें आगे बढ़ने के लिए किसी पर निर्भर होने या समाज से ज्यादा उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। कुमारी शैलजा ने पत्रकारिता के क्षेत्र में नैतिक मूल्यों में आई गिरावट पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि कमर्शियलाइजेशन को बढ़ावा देने के बजाय कुछ स्टैंडर्ड तय होने चाहिए।
इन सिद्धांतों से कतई समझौता नहीं होना चाहिए क्योंकि पत्रकारिता समाज का आईना है। यह आईना जैसा भी दिखाएगा, समाज उसे ही सच मानकर विश्वास करेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि महिला पत्रकारों की समस्याओं को सदन में उठाकर इन्हें हल कराने के हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं का हर पहलू को देखने का नजरिया अलग होता है। वे दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या व शोषण को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।