रायपुर. भारत सरकार ने राजधानी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र(एम्स) की बिल्डिंग बनवाने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। अस्पताल की बिल्डिंग के साथ-साथ कालेज और हास्टल भवन के लिए भी निविदा आमंत्रित की गई है। राज्य में एम्स के निर्माण की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
एम्स का निर्माण टाटीबंध स्थित पुराने टीबी सेनोटोरियम की जमीन पर होगा। राजधानी में एम्स की बुनियाद 1993 में रखी गई थी। उसके बाद अब बिल्डिंग निर्माण के लिए टेंडर जारी हुए हैं। एम्स छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस लिहाज से इसे अहम फैसला माना जा रहा है।
एम्स में 35 अलग-अलग सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं मिलेंगी। अस्पताल 960 बिस्तर का होगा। एम्स का पूरा प्रोजेक्ट 820 करोड़ का है। पहले चरण में केवल अस्पताल बिल्डिंग, कालेज और अस्पताल भवन के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। मेडिकल कालेज कांप्लेक्स टेंडर फायनल होने के बाद 15 महीने में बनकर तैयार होगा।
अस्पताल बिल्डिंग और ओपीडी 24 महीने में तैयार करने की मियाद तय की गई है।एम्स अस्पताल और कालेज के अंदरुनी हिस्से की डिजाइन पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस(पीजीआई) चंडीगढ़ ने फायनल की है। इसकी डिजाइन हास्पिटेक मैनेजमेंट कंसल्टेट (एचएमसीपी) ने तैयार की है। यह प्रक्रिया भी पिछले वर्ष अप्रैल से चल रही थी। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डिजाइन फायनल होने के बाद उसी आधार पर बजट का आंकलन किया गया। उसी के मुताबिक अब टेंडर जारी किए गए हैं। 10 लाख वर्गफुट पर 6 मंजिला भवन : एम्स अस्पताल और बिल्डिंग का निर्माण 10 लाख वर्ग फुट पर होगा। ग्राउंड फ्लोर के अलावा पांच मंजिल अतिरिक्त होंगे। कालेज और अस्पताल परिसर में ही डेंटल कालेज होगा।