रायपुर. पंद्रह दिन पहले तक ब्लड बैंक में प्लेटलेट की एकाध यूनिट ही लेने कोई पहुंचता था। अभी एक ही दिन में 10-12 यूनिट लेने लोग पहुंच रहे हैं।
‘दैनिक भास्कर’ ने सोमवार को इस हकीकत का पता लगाने के लिए आंबेडकर अस्पताल और रेड क्रास के ब्लड बैंक का सर्वे किया। राजधानी में संचालित अधिकृत ब्लड बैंक का भी रिकार्ड खंगाला गया। यूनाइटेड, सिटी, छत्तीसगढ़ और लायंस क्लब के ब्लड बैंक से जानकारी हासिल की। ब्लड बैंक संचालकों ने स्वीकार किया कि अभी ज्यादा यूनिट्स खप रही हैं।
सिटी ब्लड बैंक से रोजाना औसतन 10 यूनिट प्लेटलेट लेने लोग पहुंच रहे हैं। यही स्थिति रेड क्रास और लायंस क्लब के ब्लड बैंक की है। पं. जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग के एचओडी डा. जीबी गुप्ता ने बताया कि डेंगू के मरीजों के शरीर में प्लेटलेट अचानक ही कम होने लगता है।
आमतौर पर शरीर में एक लाख से चार लाख के मध्य प्रति क्यूबिक मिली प्लेटलेट होनी चाहिए। डेंगू होने की दशा में यह मात्रा घटकर 20-25 हजार से 40 हजार तक पहुंच जाती है। यह स्थिति खतरनाक है। ऐसे हालात में अक्सर ब्लड प्रेशर बेहद कम हो जाता है। कई बार यह जान के लिए खतरा बन जाता है। इसलिए तत्काल प्लेटलेट चढ़ाने की जरुरत पड़ती है। डा. गुप्ता ने स्वीकार किया कि अभी आने वाले बुखार के ज्यादातर केस में मलेरिया और डेंगू के लक्षण हैं।