रईया. ब्यास से कांग्रेस के पूर्व विधायक जसबीर सिंह डिंपा ने कहा है कि सीएम प्रकाश सिंह बादल दिशाहीन मुख्यमंत्री सिद्द हुए हैं,उनकी ढीली नीतियों के कारण खुशहाल रहा पंजाब आज पिछड़ गया है। मुख्यमंत्री के पद पर बैठ कर बादल बीडीपीओ का रोल अदा कर रहे हैं,जिस कारण जनता का अकाली—भाजपा गठबंधन सरकार से विश्वास उठ गया है।
डिंपा सोमवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार को बने तीन वर्ष पूरे होने को हैं, लेकिन इस अर्से के दौरान सरकार ने एक भी जनहित नीति को लागू नहीं किया। इसके विपरीत कांग्रेस सरकार के शानसकाल में शुरू की गई लोक भलाई स्कीमों को भी पंजाब सरकार ने बंद करवा दिया है। आज पंजाब के लोगों की हालत बद से बदत्तर बनी हुई है।
पैंशन के लिए भटक रहे बुजुर्ग
जनता अपने हितों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है। लोगों को उनके मौलिक अधिकार देने की बजाय सरकार उन पर लाठियां भांज रही है,जो खुलेआम लोकतंत्र का कत्ल है। बुढ़ापा व विधवा पैंशन लेने के लिए बुजुर्ग व महिलाएं दर—दर भटक रही हैं, लेकिन बादल मूकदर्शक बन तमाशा देख रहे हैं। राज्य में लॉ एंड आर्डर की स्थिति दिन—ब—दिन बिगड़ती जा रही है।
लूट की वारदातों से लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा होने लगी है। किसानों की हितैषी होने का दावा करने वाले पंजाब सरकार ने अब तक जितने भी फैसले किए किसान विरोधी ही किए। डिंपा ने कहा कि मुख्यमंत्री बादल प्रदेश में पैदा हुए परिस्थितियों से निपटने में नाकाम साबित हुए हैं। हर बात पर उनका यही कहना होता है कि, हमारे हाथ खड़े हैं। अगर वास्तव में ही उनसे कुछ नहीं बन पा रहा तो उन्हें नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि पंजाब में अगली सरकार कांग्रेस की होगी। जिन कांग्रेसियों पर झूठे पर्चे किए गए हैं उन्हें पर्चियां बना कर उड़ा देंगे। पर्चे कराने वाले जत्थेदार व पुलिस अफसर हिसाब देने को तैयार रहें। इस दौरान एडवोकेट राजिंदर सिंह टपियाला, बलकार सिंह बल्ल, विक्की भिंडर, संजीव भंडारी, पिंदरजीत सिंह सरली आदि नेता मौजूद थे।