तरनतारन. गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर श्री दरबार साहिब में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। देश-विदेश से यहां पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने दरबार साहिब में माथा टेककर पवित्र सरोवर में स्नान किया।
इस मौके पर कथास्थान मंजी साहिब में कीर्तन व गुरमत समागम का आयोजन किया गया, जिसमें कई प्रसिद्ध ढाडी व कवीशरी जत्थों ने गुरबाणी से संगत को निहाल किया। गुरुद्वारा के मैनेजर सुरजीत सिंह झब्बाल ने बताया कि प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में सुबह 10 बजे अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए। इसके उपरांत संगत ने सुखमणी साहिब का पाठ किया।
इसके बाद कथा व कवि दरबार का आयोजन किया गया। भाई सुरजीत सिंह,भाई चन्नण सिंह चमन, भाई हरि सिंह वाचक, भाई निर्मल सिंह व भाई करमजीत सिंह नूर ने कथा व गुरु साहिबान को समर्पित कविताएं पेश कर वाह—वाही लूटी। वहीं, शाम 6 से 11 बजे तक महान कीर्तन व गुरमत समागम करवाया गया, जिसमें बाबा बुड्ढा साहिबकीर्तनी जत्था, बीबियों का कीर्तनी जत्था,भाई जरनैल सिंह हजूरी रागी तरनतारन, भाई रणजीत सिंह हजूरी रागी अमृतसर व कथावाचक रणजोत सिंह विशेष तौर पर शामिल हुए। रात के समय दरबार साहिब में दीपमाला की गई। प्रकाशोत्सव की श्रद्धालुओं ने आतिशबाजी भी की।
नौशहरा पन्नुआं में लंगर लगा
गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में सोमवार को मुख्य बाजार में चाय, ब्रैड व पकौड़ों का लंगर लगाया गया। लंगर की सेवा भगवान सिंह चौकी वाले, जसबीर सिंह, कुलदीप सिंह, सकत्तर सिंह, मनोज कुमार सूद, सुखविंदर सिंह धुन्ना,गुरमीत सिंह गोरा, दिनेश कुमार सूद, दविंदर सिंह व जोबनजीत सिंह ने निभाई। इसके अलावा जिले में विभिन्न जगहों पर धार्मिक संस्थाओं की ओर से प्रकाशोत्सव पर लंगर लगाए गए थे।