मॉडलिंग में है कॅरिअर के कई मुकाम
bhaskar correspondent Tuesday, November 03, 2009 03:30 [IST]  

जोधपुर. प्रतिस्पर्धा का जमाना है। कॅरिअर बनाना सबसे बड़ी चुनाती है। प्रोफेशनल कार्सेज के अलावा फैशन, ग्लैमर और विज्ञान व फिल्मों आदि क्षेत्र में कॅरिअर की अपार संभावनाएं हैं। युवा मॉडलिंग में ज्यादा से ज्यादा कॅरिअर बनाते नजर आ रहे हैं।



मॉडलिंग लाइन में कॅरिअर बना रही गल्र्स का मानना है कि इस क्षेत्र में भले ही शुरू में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन मौका मिलने के बाद तो शोहरत और पैसा की भरमार है। सिटी इवेंट टीम ने शहर में एक शो में शामिल होने आई मॉडल्स से इस बारे में बात की।



नया पन मिलता हर रोज : मॉडल रुही सिंह कहती हैं मॉडलिंग लाइन में पब्लिक से मिलने का मौका मिलता है। आत्मविश्वास बढ़ता है। हमेशा एक नयापन जीवन के साथ चलता रहता है। रुही का कहना हैं कि मेरी पढ़ाई जारी है। मिस रजवाड़ा और मिस डेजर्ट भी रह चुकी हूं, लेकिन अपना कॅरिअर तो मॉडलिंग में ही बनाना चाहती हूं, क्योंकि मुझे लगता है दूसरी लाइन में सफलता मिलने में काफी समय लगता है।



मॉडलिंग लाइन में तो हमेशा ही घूमने, मिलने और प्रेक्टिस का सिलसिला जारी रहता है जिससे कभी भी निराशा नहीं होती। भाविका राठौड़ कहती हैं मॉडलिंग लाइन आज के समय को देखते हुए बहुत अच्छी है। इसमें बेहद आनंद आता है।



यह वक्त की डिमांड है : 2006 में मिस डेजर्ट रहीं भूमिका ठाकुर कहती हैं कि उन्होंने वैसे तो जोधा अकबर में अभिनेत्री ऐश्वर्या राय का डमी रोल किया और उसमें काफी पब्लिसिटी और प्रशंसा मिली। यह सब मुझे अच्छा लगा क्योंकि मैं इसी लाइन में कॅरिअर बनाना चाहती हूं। क्योंकि आज के समय में यह सब जरूरी है। अब वो समय नहीं है जब बिना पब्लिसिटी के जिंदगी को जिया जाए।



सफलता ज्यादा : मॉडल रीना जैन बताती हैं कि वर्ष 2004 में वो मिस राजस्थान रही। फिर लॉरियल शो वैला मुबई में भी अपनी बेस्ट परफोमेंस दे चुकी हैं। फिर यहीं से उन्हें लगा कि और दूसरे क्षेत्रों के मुकाबले उनके लिए मॉडलिंग लाइन बेहतर है, इसलिए इसमें अपनी किस्मत को आजमाना शुरू कर दिया है। प्रोग्रेस भी मिल रही है। वे कहती हैं कि ग्लैमर के साथ साथ यह बात है कि लोगों से मिलने का और उनके सामने जाने का ज्यादा मौका मिलता है।



ग्लैमर के साथ पब्लिसिटी भी : 2008 में मिस जयपुर और मिस डेजर्ट रह चुकी सृष्टि सक्सेना का कहना है कि मुझे तो बचपन से ही मॉडलिंग लाइन में जाना पसंद था। मैं कभी भी एजूकेशन लाइन में जाना पसंद नहीं किया। हालांकि मेरे परिजन तो यही चाहते है कि मैं पढ़ लिखकर सरकारी सेवा में जाऊं। मुझे तो मॉडलिंग लाइन ही अच्छी लगती है, इसमें ग्लैमर के साथ पब्लिसिटी मिलती है वो अपने आप में बहुत ही मायना रखती है।



एवरग्रीन प्रोफेशन है : मॉडलिंग लाइन से जुड़ी और 2009 में मिस डेजर्ट, मिस हैरीटेज और मिस यूनिवर्सिटी रह चुकीं सुहानी चौधरी कहती हैं कि यह तो एवग्रीन प्रोफेशन है, चाहे सक्सेज मिले या नहीं इंसान को ग्लैमर से जुड़ा कुछ न कुछ मिलता ही रहता है। इसलिए इस लाइन में कॅरिअर की विपुल संभावनाएं हैं। इसी प्रकार कई प्रकार की कैटलॉग में और नैश व ज्वैलरी के लिए मॉडलिंग व विज्ञापन कर चुकी दिव्या शर्मा का कहना हैं कि मॉडलिंग लाइन में व्यक्तित्व निखार आने के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

  Bookmark and Share
 


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: