कुदरत के सब बंदे
भास्कर न्यूज Tuesday, November 03, 2009 03:37 [IST]  

जोधपुर. सिख धर्म के संस्थापक व प्रथम गुरु श्रीनानकदेव महाराज का 541 वां प्रकाश उत्सव सोमवार को आनंद सिनेमा स्थित गुरुद्वारा गुरुसिंघ सभा में धूमधाम से मनाया गया। समारोह के दौरान गुरुद्वारे के बाहर सजे दीवान में गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया गया।



इसी कड़ी में सिंधी समाज ने भी भी गुरु श्रीनानकदेव का प्रकाशउत्सव श्रद्धा और उल्लास से मनाया। इस मौके पर कई धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।कार्यक्रम की शुरुआत स्त्री सत्संग के जत्थे ने गुरुवाणी कीर्तन के द्वारा दिवान की शुरुआत की। अमरजीत कौर छाबड़ा ने गुरवाणी पर विचार व्यक्त करते हुए गुरु नानक देव के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में आगरा से आए कीर्तनिये महिंदर पाल सिंघ ने अपनी मधुर वाणी में गुरुवाणी शब्द कलतारण गुरुनानक आया.. सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।



सतगुरु नानक परगटया.. गुरुवाणी पेश कर माहौल में धार्मिक रस घोल दिया। सिंघ मंडली ने मिट्टी धुंध जग चानन होया.. की प्रस्तुति देकर साध संगत को गुरु चरणों से जोड़े रखा। दिल्ली से आए कीर्तनिये बलवंत सिंघ बैरागी ने सा धरती भई हरयावली.. के बाद जो बोले सौ निहाल के जयकारे लगाकर कार्यक्रम में जोश भर दिया।



गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी इंद्रजीत ¨सघ ने कार्यक्रम का संचालन करते हुूए गुरु ग्रंथ साहिब महाराज के सन्मुख सरबत के भले के लिए अरदास की। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के लिए गुरु के अटूट लंगर का भी आयोजन किया। इस अवसर पर समारोह में आने वाले सिख समाज के श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे के बाहर सजे दीवान के दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना की।



गुरुद्वारा श्रीगुरु तेगबहादुर साहेब : सिंधी कॉलोनी मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित गुरुद्वारा श्रीगुरु तेगबहादुर साहेब ने गुरु श्रीनानकदेव के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में ज्ञानी हरमीतसिंह और कर्मजीतसिंह के जत्थे ने गुरु नानकदेव द्वारा उच्चरे गए शब्दों का कीर्तन कर साध संगत को गुरु साहेब के बताए मार्ग पर चलने के लिए कहा। शरबत के भले की अरदास ज्ञानी हरमीत सिंह ने की। प्रधान प्रतिपालसिंह सोबती ने संगत को गुरु पर्व की हार्दिक बधाइयां दीं और सचिव अजरुनसिंह ने संगतों का धन्यवाद किया।



गुरुद्वारा गुरु तेगबहादुर के सचिव अजरुनसिंह ने बताया कि इस अवसर पर गुरुद्वारा श्रीगुरुसिंह सभा में शनिवार को रखे गए पंडाल में साहेब श्रीगुरुनानकदेव महाराज का प्रकाश पर्व श्रद्धा से मनाया। बाहर से आए रागी जत्थे भाई बलवंतसिंह और महेंद्रपालसिंह आगरा वाले ने साहेब गुरु नानकदेव के बताए मार्ग पर चलने के लिए कहा। ज्ञानी इंद्रजीतसिंह, जयपालसिंह और गुरुमीतसिंह के जत्थे ने भी कीर्तन किया।



सिंधी गुरु संगत दरबार : सरदारपुरा हेमू कॉलानी चौराहे के पास सिंधी गुरु संगत दरबार में गुरु नानकदेव का प्रकाश उत्सव उल्लास से मनाया। प्रारंभ में भगत किशन उदासी, भावना और कमलेश भगत ने शब्द कीर्तन किया। अजमेर के मुरली भगत ने शब्द कीर्तन कर उपस्थित लोगों को भक्ति के सागर में गोते लगाने के लिए विवश कर दिया। साध्वी नित्यमुक्ता ने गुरुनानकदेव के जीवन पर प्रकाश डाला।



इस मौके पर अध्यक्ष हरीश भेरवानी ने भामाशाह भगवान कलवाणी और धर्मदास जेठवानी को समाज में श्रेष्ठतम सेवाएं देने पर सम्मानित किया। इस मौके पर आयोजित अटूट लंगर में सैकड़ों भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। दरबार को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया।

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