भोपाल. शहर के बाशिंदे महज डेढ़ माह बाद लक्ष्मण झूले का लुत्फ उठा सकेंगे। प्रेमपुरा घाट से सेवनिया गौड़ को जोड़ने वाला लक्ष्मण झूला और कैफेटेरिया दिसंबर अंत तक शुरू हो जाएगा। दोनों का 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। झील में खड़े किए जा रहे पिलरों पर तार कसने का काम अगले हफ्ते शुरू हो जाएगा।
यह काम शेष : कैफेटेरिया में पाथ-वे बनाने और घास लगाने का काम शेष है। अधिकारियों के मुताबिक इन कार्र्यो को पूर्ण करने में उन्हें अधिकतम 20 दिन लगेंगे। एक तरफ का लैंड स्केपिंग पूर्ण हो चुका है, दूसरी तरफ काम चल रहा है। पानी की टंकी भी बनकर तैयार हो चुकी है।
झूले की खासियत : लक्ष्मण झूला तीन करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। इसकी लंबाई 160 मीटर होगी। इसकी क्षमता 280 मीट्रिक टन है और इस पर एक साथ अधिकतम तीन हजार लोग पैदल चल सकते हैं। झूले के दोनों पिलर के बीच के हिस्से की लंबाई 80 मीटर रखी गई है।
सफाई होगी : कैफेटेरिया के उद्घाटन से पहले मप्र पर्यटन विकास निगम तालाब के उस हिस्से की सफाई भी कराएगा। फिलहाल यहां सिंघाड़े की बेल और गंदगी से झील पटी पड़ी है। निगम के अधिकारियों के अनुसार सफाई कराकर झील का सौंदर्य निखारा जाएगा। झील के दोनों किनारों पर उगी झाड़ियों को साफ करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
बोटिंग शेड : यहां से पर्यटक बोटिंग का लुत्फ भी उठा सकेंगे। इसके लिए तालाब किनारे शेड तैयार किया गया है। शेड का आधार भरा जाना है। इसके बाद यहां से पर्यटक नौकाओं में सवार होकर बड़ी झील की सैर कर सकेंगे।
कैफेटेरिया का 80 फीसदी निर्माण पूरा हो चुका है। अब लक्ष्मण झूले का निर्माण पूर्ण होने का इंतजार है। काम तेजी से चल रहा है। दिसंबर अंत तक कैफेटेरिया शुरू कर देंगे।
एए भोरास्कर, चीफ इंजीनियर, मप्र पर्यटन विकास निगम
अगले 10 दिन में दोनों पिलरों को लक्ष्मण झूले की शक्ल दे दी जाएगी। वर्तमान में 48 एमएम के तार लगाने का काम शुरू किया जा रहा है। अधिकतम 20 दिसंबर तक झूले का काम पूरा कर देंगे।
वीआरआर रेड्डी, इंजीनियर, रामदिन अल्ट्राटेक प्राइवेट लिमि., इंदौर