जयपुर. जयपुर में सिर्फ दो सेंटरों पर कैट का एग्जाम होना, बीस डिजाइन किए हुए पेपर का सेम डिफिकल्टी लेवल, फिजिकली पेपर का नहीं मिल पाना, ये सभी ऐसे क्वेश्चन हैं, जिनकी वजह से स्टूडेंट्स थोड़ा कन्फ्यूज हैं। चूंकि पहली बार कैट ऑलनाइन हो रहा है, इसलिए इसके पैटर्न को लेकर स्टूडेंट्स में थोड़ी घबराहट है। इकोनॉमिक स्लो डाउन कहें या फिर ऑनलाइन होने का असर, इन बारह सालों में पहली बार कैट एप्लीकेशन्स में कुछ कमी आई है।
इस बार कैट देने वाले स्टूडेंट्स में 65 प्रतिशत इंजीनियर्स हैं और 23 परसेंट कॉमर्स बैकग्राउंड से हैं। स्टूडेंट्स कैट ऑनलाइन होने से ज्यादा इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं कि क्या पहले दिन एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स को कोई नुकसान होगा। इस पर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि स्टूडेंट्स को फिजिकली तो पेपर मिलेगा नहीं, ऐसे में वे स्टूडेंट जो आखिरी दिन पेपर देंगे, उन्हें पेपर के बारे में कैसे पता चल पाएगा? वैसे भी कैट का मतलब अनप्रिडिक्टेबल होता है।
पीटी इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर विनय मोदी कहते हैं, स्टूडेंट्स इस तरह के क्वेश्चन लेकर हमारे पास आ रहे हैं। पैटर्न चूंकि नया है, इसलिए इस बार जो एक चीज ध्यान रखनी है, वह है एटीट्यूट। पहले दिन पेपर देने वालों को कोई नुकसान तो होगा नहीं। हम लोग क्लासेज में स्टूडेंट्स को प्रेक्टिस करवा रहे हैं। वैसे भी एग्जाम के 15 मिनट पहले स्टूडेंट को पेपर का डेमो दिया जाएगा।
टाइम इंस्टीट्यूट के राहुल गुप्ता कहते हैं, कैट के लिए जो बीस पेपर तैयार हुए हैं, देखना यह है कि क्या उनका डिफिकल्टी लेवल समान रह पाता है। इस बार स्टूडेंट्स को रिजल्ट का इंतजार करना होगा। चूंकि पहले स्टूडेंट्स को पेपर मिलता था, तो वह आंसर की के जरिए उसे टेली करता था। इंस्टीट्यूट भी कट ऑफ लिस्ट जारी करते थे। स्टूडेंट्स की काउंसलिंग भी उसी के आधार पर हो जाती थी।
पांच साल बाद यह सिचुएशन आई है कि अब रिजल्ट का इंतजार करना पड़ेगा। वहीं स्टूडेंट्स का कहना है कि सिर्फ दो सेंटर का होना काफी कम है। कैट की तैयारी कर रहे आशुतोष कहते हैं, हम लोगों को एग्जाम सेंटर पर भी दो घंटे पहले पहुंचना होगा। ऐसे में शंकरा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कूकस तो शहर से काफी दूर है। मेरा सेंटर तो मानसरोवर आया है, लेकिन मेरे कई फ्रैंड्स को परेशानी होगी।
कैट में पहली बार क्वेश्चन्स की संख्या डिस्क्लोज
जयपुर में दो सेंटर महर्षि अरविंद इंस्टीट्यूट ऑफ मानसरोवर और शंकरा इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी, कूकस
बारह साल बाद कैट रजिस्ट्रेशन की संख्या में कमी
कैट में रजिस्ट्रेशन करवाने वालों में 65 प्रतिशत इंजीनियर
पेपर शुरू होने से पहले होगा 15 मिनट का डेमो
28 नवम्बर से 7 दिसम्बर तक होंगे एग्जाम
स्टूडेंट्स को सेंटर पर दो घंटे पहले पहुंचना होगा
22 जनवरी 2010 को रिजल्ट घोषित होगा
कैट वेबसाइट www.catiim.in पर एग्जाम सॉफ्टवेयर रिलीज। स्टूडेंट दे सकते हैं डेमो।