इंदौर. करीब 20 दिन पहले शहर में मुरैना से यात्री बस में लाया गया सात टन मावा और दो टन पनीर जांच में मिलावटी निकला। इसे जब्त करने और नमूने लेने के बाद नगर निगम ने अपने खर्चे पर मावा और पनीर कोल्ड स्टोरेज में रखवाया था, जिसका किराया 15 हजार रुपए से ज्यादा हो गया है।
संभवत: बुधवार को मिलावटी मावा और पनीर ट्रेचिंग ग्राउंड पर नष्ट किया जाएगा। स्वास्थ्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि मुरैना की जिस बस से मावा और पनीर जब्त किया था, उसे आरटीओ के अफसरों ने तीन हजार रुपए जुर्माना कर छोड़ दिया था।
बस छुड़ाने वालों से उस दौरान मावा और पनीर मालिक के बारे में पूछताछ नहीं की गई। यही कारण है कि आज तक मावा और पनीर मालिक का पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा आरटीओ की कार्रवाई और अफसर की कार्यप्रणाली की शिकायत वे मुख्यमंत्री तक को कर चुके हैं।
लोगों के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के गोरखधंधे को खत्म करने के लिए आरटीओ के अफसरों को आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। मावे में वनस्पति घी और पनीर में पाम ऑइल की मिलावट पाई गई है।