अब भड़की गुस्से की आग
Bhaskar News Tuesday, November 03, 2009 04:22 [IST]  

जयपुर. आग के बाद अब उद्योगपति भड़क उठे हैं। तीन दिन तक बातचीत के लंबे और कई दौर के बीच राहत पैकेज पर उन्हें राज्य व केंद्र सरकार, इंडियन ऑयल और इंश्योरेंस कंपनियों से कोई आश्वासन नहीं मिला है। सोमवार शाम धर्य टूटा तो करीब 200 उद्योगपति टर्मिनल की ओर बढ़ गए। पुलिस से झड़प हुई। धक्का-मुक्की हुई। तू-तू मैं-मैं तक नौबत पहुंच गई। एसपी (पूर्व) बीजू जार्ज जोसफ मौके पर पहुंचे तो उद्योगपति धरने पर बैठ गए।



सरकार की ओर से आश्वासन भर नहीं मिलने से आक्रोशित उद्योगपति सोमवार शाम सीतापुरा स्थित रीको कार्यालय से रवाना होकर पुलिया के पास पहुंच गए। उद्योगपतियों का कहना था कि अब उनके पास आत्मदाह के अलावा और कोई चारा नहीं है, क्योंकि केंद्र व राज्य सरकार के साथ ऑयल कंपनी ने भी राहत देने की बात पर हाथ खड़े कर दिए हैं। जैसे ही वे टर्मिनल गेट की ओर बढ़े, पुलिस के जाब्ते ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।



इस बीच लाठियां लगाकर कतार में खड़े पुलिसकर्मियों से उनकी अच्छी खासी झड़प भी हुई। धक्का-मुक्की शुरू हुई तभी पुलिस के एक अधिकारी ने एक उद्यमी से कह दिया, तमीज में रह, एक मिनट में सीधा कर दूंगा। इस पर उद्योगपति और भड़क गए और नारेबाजी करने लगे। इस बीच एसपी जोसफ पहुंचे तो मामला कुछ शांत हुआ।



जोसफ के कहने के बाद वे धरने पर बैठ गए। बीच बीच में केंद्र व राज्य सरकार, मुरली देवड़ा तथा आईओसी के खिलाफ प्रदर्शन किया जाता रहा। धरने पर बैठे उद्योगपतियों से मौके पर पहुंची एसडीएम ने कलेक्टर कुलदीप रांका से फोन पर बात कराई तो उन्होंने प्रदर्शन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए टाल दिया।



टैंकरों से पेयजल आपूर्ति : औद्योगिक क्षेत्र व आसपास के इलाके में जलदाय विभाग की ओर से टैंकरों से आपूर्ति शुरू की गई है। जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता देवराज सोलंकी ने बताया कि एईएन व जेईएन संबंधित क्षेत्र का दौरा कर पेयजल आपूर्ति की मॉनिटरिंग कर रहे है।



सरकार ने केवल लॉलीपॉप दिया



सरकार के रवैये पर सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया एसोसिएशन के महासचिव नरेश कंदोई ने कहा कि सरकार ने तीन माह तक वैट की राशि नहीं जमा कराने तथा चौथे माह में एक साथ जमा कराने की छूट देकर केवल लॉलीपॉप दिया है। इसके अलावा कोई राहत नहीं दी। नुकसान तो 1000 करोड़ रुपए तक का हुआ है और राहत एक रुपए की भी नहीं। उद्योगपति नीलेश अग्रवाल का कहना था कि ऑयल कंपनी के हटाए गए अधिकारी गौतम बोस ने मुआवजे के नाम पर हाथ खड़े कर दिए। उनके पास दो इंश्योरेंस कंपनियों का थर्ड पार्टी बीमा केवल 1.25 करोड़ रुपए का है।



नियमानुसार केवल 55 करोड़ रुपए की बीमित राशि का खर्च एक स्थान के लिए किया जा सकता है। ऐसे में उन्हें कुछ नहीं मिलेगा। उद्योगपतियों ने जिन कंपनियों से बीमा करा रखा है, उनका कहना है कि हमारी कंपनियों में न तो भूकंप आया, न आग लगी और न ही विस्फोट हुआ, ऐसे में दूसरी कंपनी के धमाके से हुए नुकसान का खमियाजा वे
क्यों उठाएं।



समस्याओं को लेकर अधिकारी तैनात



प्रभावित गांवों में बिजली, पानी व स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के निदान के लिए प्रशासन ने जेडीए में लगे उपायुक्तों को तैनात किया है। यह अधिकारी संबंधित क्षेत्र का दौरा कर समस्याओं का जायजा लेंगे तथा समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही करेंगे।



सहायता राशि का भुगतान : आग में मारे गए 11 व्यक्तियों में से 5 मृतकों के परिजनों सहित कुल 34 घायलों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से सहायता राशि का भुगतान किया जा चुका है। पांच मृतकों के परिवार शहर से बाहर निवास करते हैं, जिनकी राशि स्वीकृत की जा चुकी है।

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