इंदौर. शहर में डेंगू की रोकथाम के लिए प्रशासनिक मुस्तैदी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवायएच के डॉक्टर को ही डेंगू हो गया है और वे अस्पताल में ही भर्ती हैं।
इधर, डेंगू की रोकथाम के लिए शहर में चल रही गतिविधियों की समीक्षा के लिए सोमवार को सीएमएचओ कार्यालय में स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक हुई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि दो दिन में डेंगू के 20 नए मरीज मिले हैं।
सिविल सर्जन डॉ. ए.पी. श्रीवास्तव ने बताया अवकाश के कारण शहर के 19 अस्पतालों से जानकारी नहीं मिल पाई है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लेबोरेटरी में 32 ब्लड सैंपलों की एलाइजा जांच की गई। इनमें से 20 में डेंगू पॉजिटिव आया है। मरीजों में 12 इंदौर के हैं।
उधर, एमवाय अस्पताल के पीडियाट्रिक विभाग के डॉ. ए.पी. वर्मा को डेंगू हो गया है। उनका इलाज एमवाय अस्पताल में ही चल रहा है। वहीं दूसरी ओर सिविल सर्जन के बाद सीएचएमओ डॉ. महेश पाटनी ने सोमवार को एक और विज्ञप्ति जारी कर दी। इसमें कहा गया कि सोमवार को शहर के विभिन्न अस्पतालों में 8 मरीज भर्ती हुए।
1521 घरों में लार्वा
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख घरों में डेंगू के लार्वा का सर्व्े किया गया। इसमें 1521 घरों में लार्वा पाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में 7523 घरों में लार्वा मिला।