इंदौर. सहकारी संस्थाओं के सहारे कनाडिया रोड पर 22 एकड़ का बेल्ट बनाने वाले धवन बंधुओं का सपना उस पर सिद्धिविनायक नामक एक आलीशान टाउनशिप बनाने का था। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने शहर के दो बड़े कॉलोनाइजरों से एग्रीमेंट भी कर लिया था।
लेकिन समय-समय पर विभागों से अनुमति नहीं मिलने पर दोनों एग्रीमेंट टूट गए। धवन बंधुओं ने अंतिम एग्रीमेंट ढाई करोड़ में विजय गांधी से किया, वह भी अब खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। जूस की दुकान से उठकर शहर के नए भूमाफिया के रूप में उभरे हैप्पी-लकी धवन का इरादा संचार नगर क्षेत्र में बनाए गए बेल्ट पर एक भव्य टाउनशिप बनाने का था।
योजना के मुताबिक टाउनशिप की पहली किस्त के रूप में करीब 1000 बगलों का निर्माण किया जाना था। टाउनशिप बनाने की पहली सीढ़ी भी हैप्पी-लकी धवन ने पार कर ली थी। 28 नवंबर 2005 को हैप्पी ने वैभव महालक्ष्मी रीयल एस्टेट के मार्फत कुल विकसित होने वाली जमीन में से एक लाख वर्ग फीट जमीन के दो एग्रीमेंट कॉलोनाइजरों से कर दिए।
पहला एग्रीमेंट टीनू संघवी से किया जिसके मुताबिक टाउनशिप के कुल क्षेत्रफल में से 50 हजार वर्गफीट जमीन को 401 रुपए प्रति वर्गफीट के रेट से दो करोड़ 50 हजार में बेचने का अनुबंध किया था। 50 हजार वर्गफीट जमीन को 423 रुपए वर्गफीट रेट में गोयल नगर निवासी फायनेंसर भरत शाह को बेचने का अनुबंध दो करोड़ ग्यारह लाख में कर लिया।
हालांकि दोनों ही एग्रीमेंट कुछ माह बाद ही कैंसल भी हो गए। टीनू संधवी ने बताया कि एग्रीमेंट की शर्त के मुताबिक सभी विभागों से अनुमतियां मिलने के बाद जमीन पर कालोनी विकसित करने की बात कही गई थी लेकिन धवन बंधुओं को समय पर जरूरी अनुमतियां नही मिली जिससे दोनों अनुबंध समाप्त हो गए।कुछ माह पहले ही उन्होंने कॉलोनाइजर विजय गांधी से नौ एकड़ जमीन पर मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स बनाने के लिए ढाई करोड़ रुपए में नया एग्रीमेंट कर लिया। एग्रीमेंट के मुताबिक बहुमंजिला इमारतों के 42 प्रतिशत फ्लैट धवन बंधुओं के हक में आएंगे जबकि 58 प्रतिशत पर श्री गांधी का कब्जा रहेगा।
वर्तमान में यह एग्रीमेंट भी खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। विजय गांधी ने बताया धवन बंधुओं को सोसायटी की जमीन के कारण जरूरी अनुमतियां नही मिल पा रही है इसलिए इसकी बहुत कम संभावनाएं हैं कि भविष्य में उनका एग्रीमेंट धरातल पर उतर पाएगा। श्री गांधी ने स्वीकार किया कि एग्रीमेंट के समय धवन बंधुओं ने उन्हें अंधेरे में रखा और सोसायटी की जमीन होने की बात नहीं बताई। भास्कर के पास इन एग्रीमेंट के प्रमाण मौजूद हैं।
धवन बंधुओं ने हमसे सोसायटी की जमीन वाली बात छुपाई थी। पता होता तो हम एग्रीमेंट नहीं करते। - विजय गांधी, कॉलोनाईजर
हमने धवन से पांच एकड़ जमीन का एग्रीमेंट किया था लेकिन वो कई कारणों के चलते पहले ही कैंसल हो गया है, सोसायटी की जमीन का क्या मामला है हमें नही पता। - टीनू संघवी, कॉलोनाईजर, इंदौर
अयोध्यापुरी में जागी आस
अब तक कागजों पर भूमाफियाओं के साथ जमीन की जंग लड़ रहे अधिकारी सोमवार को जमीन पर उतरे। दौरे के आखिरी पड़ाव पर जब ए.बी. रोड स्थित देवी अहिल्या संस्था की अयोध्यापुरी की प्राइम लोकेशन की जमीन देखी तो उनकी समझ में आ गया कि इसमें सबसे ज्यादा गड़बड़ी क्यों हुई।
संभागायुक्त ने स्वीकार किया कि इस संस्था के सदस्यों के साथ सबसे ज्यादा ज्यादती हुई है। यह जमीन कंपनियों से लेकर सदस्यों को वापस करवाना बहुत जरूरी है। यह जमीन देवी अहिल्या संस्था के अध्यक्षों ने सिम्प्लेक्स और के.एस सिटी को बेच दी है।
सीएम बोले- धैर्य रखें प्लॉट मिलेंगे
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से चर्चा में कहा कि भूमाफियाओं पर पहली बार प्रदेश में इस तरह की कार्रवाई हुई है और यह भोपाल सहित अन्य शहरों में भी शुरू होगी। पीड़ित थोड़ा धैर्य रखें उन्हें प्लॉट जरूर मिलेगा।
इस बीच भोपाल में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले विधानसभा सत्र में सरकार सहकारिता कानून में संशोधन की तैयारी कर रही है। एक विजन डाक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है। वर्तमान कानून में कई तरह की खामियां हैं जिसके चलते इससे निजी हित साधे जा रहे हैं।
इंदौर में उनसे जब पूछा गया कि डेढ़ माह से सिर्फ कार्रवाई चल रही है प्लॉट दिलाने वाली बात तो अभी तक प्रारंभ नहीं हुई? मुख्यमंत्री का कहना था शुरुआत में कुछ देर जरूर लगती है लेकिन जैसे ही प्रक्रिया प्रारंभ होगी काम में तेजी आएगी। उन्होंने कहा भूमाफिया किसी भी स्तर का हो उसने भोली-भाली जनता के साथ धोखा किया है तो उसे सजा जरूर मिलेगी।
म.प्र. के विकास के संबंध में श्री चौहान का कहना था जनता के काम निश्चित समय सीमा में नहीं करने पर भी दंड का प्रावधान होना चाहिए। इस दिशा में भी काम किया जा रहा है। जनता को भी अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए। पंच से लेकर मुख्यमंत्री तक उसके साथ है।
‘मेरे ऊपर कोई दबाव नहीं है’
अजय विश्नोई सहित कुछ दागी मंत्रियों को वापस लेने के लिए आप पर दबाव था? इस पर मुख्यमंत्री का कहना था कोई दागी नहीं है और न ही मेरे ऊपर कोई दबाव है। हम सभी मिलकर प्रदेश का विकास करेंगे।