तिथि संवत
मार्गशीर्ष कृष्ण प्रतिपदा, संवत् 2066, शाके 1931, रवि दक्षिणायने, हेमंत ऋतु, हिजरी सन् 1430, 3 नवंबर मंगलवार.
सूर्योदय कालीन नक्षत्र
भरणी नक्षत्र सायं 6.21 तक पश्चात कृतिका, व्यतिपात योग तथा बालव करण। (भारतीय समयानुसार)
ग्रह विचार
सूर्य, बुध- तुला, राहु, गुरु-मकर, चंद्रमा-मेष, केतु, मंगल-कर्क, तथा शुक्र व शनि-कन्या राशि में। ग्रह परिवर्तन- शुक्र प्रात: 10.43 पश्चात तुला राशि में।
विशेष
राहु केतु के दो मान प्रचलन में हैं स्पष्ट व मध्यम्। इनका परिवर्तन मध्यम मान के अनुसार दिनांक 17 से होगा जो कि फलित के लिहाज से शास्त्र सम्मत है। हम मध्यम मान के अनुसार ही राहु-केतु की गणना सूर्योदय कुंडली में दिखाएंगे।
शुभाशुभ ज्ञानम़्
प्रतिपदा रात्रि 11.07 तक, मेष राशि का चंद्रमा रात्रि 12.05 तक। शुक्र के राशि परिवर्तन के साथ ही सूर्य, बुध व शुक्र की युति तुला राशि में निर्मित हो रही है। यह सूर्य की नीच राशि है। मौसम में बदलाव इसके प्रभाव से होंगे।
शुभ अंक- 1 रंग- नीला
खरीदारी हेतु श्रेष्ठ समय
दोप. 12.10 से 1.34 तक।
राहुकाल
दोप. 2.59 से 4.23 तक ।
दिशाशूल
उत्तर, यदि आवश्यक हो तो गुड़ खाकर निकलें।
चौघड़िया मुहूर्त
प्रात: 9.21 से 10.45 तक चंचल, प्रात: 10.45 से 12.10 तक लाभ, दोप. 12.10 से 1.34 तक अमृत, सायं 7.23 से 8.59 तक लाभ।
आज जन्मे बच्चें का नाम व राशि
समय नक्षत्र चरण पाया राशि जन्माक्षर
प्रात: 12.36 तक भरणी 3 सोना मेष ले
सायं 6.21 तक भरणी 4 सोना मेष लो
रात्रि 12.05 तक कृतिका 1 सोना मेष अ
प्रात: 5.48 तक कृतिका 2 सोना वृषभ इ