‘गुरुपूरब’ पर बिखरी खुशियां
भास्कर न्यूज Tuesday, November 03, 2009 04:50 [IST]  

बिलासपुर. सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरुनानक देव का प्रकाश पर्व श्रद्धा व उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। आधी रात गुरुद्वारे में पालकी उतारकर प्रकाश किया गया। गुरु के अटूट लंगर में हजारों लोगों ने प्रसाद प्राप्त किया।



शहर के गुरुद्वारों में श्री गुरुनानक देव के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में पिछले हफ्ते भर से धार्मिक आयोजन चल रहे हैं। प्रतिदिन प्रभातफेरी, शबद-कीर्तन के बाद शनिवार को नगर कीर्तन जुलूस निकला। प्रकाश पर्व पर आज मुख्य समारोह गोंड़पारा स्थित सेंट्रल गुरुद्वारे में हुआ, जहां सिख समाज के हजारों लोग जुटे और गुरुघर की खुशियां प्राप्त कीं।



सुबह से शबद-कीर्तन का दीवान सजाया गया, जिसमें रागी जत्थों ने गुरुग्रंथ साहिब का पाठ कर साध-संगत की सेवा की। सुबह अखंड पाठ की समाप्ति के बाद दोपहर ढाई बजे तक अमृतसर व लुधियाना तथा गोंड़पारा व दयालबंद गुरुद्वारा के रागी जत्थों ने कीर्तन पेश कर साध-संगत को निहाल किया। दोपहर सवा 12 बजे से गुरु का अटूट लंगर हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।



दोपहर ढाई बजे अरदास हुआ। कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत रात साढ़े 8 बजे से बच्चों के धार्मिक गीत-संगीत व भजन-कीर्तन के साथ हुई जो लगभग 10 बजे तक चलती रही। इसके बाद फिर से शुरू हुआ कथा व कीर्तन का दौर, जो रात 12 बजे तक चलता रहा।



सिम्स चौक पर बनेगा स्वागत द्वार: सेंट्रल गुरुद्वारा गोंड़पारा परिसर में स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल ने पांच लाख की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को पर्व की बधाई देते हुए श्री गुरुनानक देव के बताए मार्ग पर चलने की बात कही। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही सिम्स चौक श्री गुरु गोविंद सिंह द्वार के नाम से जाना जाएगा। इसके निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर दी जाएगी।



श्री अग्रवाल ने कहा कि सामुदायिक भवन के निर्माण से समुदाय के लोगों को कार्यक्रम आयोजन में सुविधा मिल गई है। इस अवसर पर सेंट्रल गुरुद्वारा के अध्यक्ष अजीत सिंह लूथरा, नगर निगम आयुक्त मुकेश बंसल, रामदेव कुमावत, महेश चंद्रिकापुरे, वार्ड पार्षद, अजीत सिंह भोगल सहित जनप्रतिनिधि व सिक्ख समुदाय के सदस्य उपस्थित थे।

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