राई. मीमारपुर गांव के छह लोगों ने यमुना नदी के घाट पर तैनात एक पुलिसकर्मी की पिटाई कर दी और जान से मारने की धमकी दी। मुरथल थाने में सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
आरोपियों पर पूर्णिमा स्नान पर महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने के प्रयास का आरोप है। जब पुलिस कर्मी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उसकी पिटाई की गई। मुरथल थाने में तैनात सिपाही रणबीर सिंह निवासी कालवा जिला जींद ने बताया कि सोमवार को वह मेला ड्यूटी पर यमुना नदी के मीमारपुर घाट पर तैनात था।
मीमारपुर गांव के मनीष पुत्र ईश्वर, कोला, फूलसिंह, दीपक, टोलू व दयानंद स्नान करने वाली महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी कर रहे थे। जब सिपाही ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने मिलकर उसकी पिटाई कर दी और वर्दी फाड़ दी। सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
सिपाही रणबीर सिंह ने इसकी सूचना मीमारपुर चौकी में दी। सिपाही रणबीर के बयान पर सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 332, 353, 186, 294 व 506 के तहत अश्लील हरकत, सरकारी कर्मचारी पर हमला, सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचना व जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया। सभी आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर है। मीमारपुर गांव के लोग देर शाम तक दोनों पक्षों में समझौता कराने का प्रयास कर रहे थे।
पुलिस पर झूठा मामला दर्ज करने का आरोप
मीमारपुर गांव के ग्रामीणों ने कहा कि पुलिसकर्मी ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। जिन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उनको ग्रामीणों ने ही सुरक्षा दृष्टि से मेला स्थल पर तैनात किया था। ग्रामीणों का कहना है कि कार्तिक स्नान पर यूपी के मनचले महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करते थे, जिस कारण बदनामी उनके गांव की होती थी।