सोनीपत. जिले के किसी भी राजकीय स्कूल में अगर कोई अध्यापक शैक्षणिक कार्य के अतिरिक्त स्टेथो लगाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करता मिले तो चांैकिएगा मत। अब वे इस नई भूमिका को भी निभाने जा रहे हैं।
शिक्षा विभाग एवं चिकित्सा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें सिविल अस्पताल के डाक्टरों की टीम अध्यापकों को ट्रेनिंग देगी। जिसके आधार पर वे अपने-अपने स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करेंगे तथा उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेंगे।
विभागीय जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य आयुक्त एवं शिक्षा आयुक्त की बैठक में बच्चों के स्वास्थ्य के मसले पर गंभीरतापूर्वक चर्चा की गई, जिसमें आखिर में यह तय किया गया कि दोनांे विभाग मिलकर एक अभियान चलाएंगे। अभियान की शुरुआत 15 नवंबर से सिविल अस्पताल में होने वाले सेमिनार से की जा रही है।
इसमें सिविल सर्जन अध्यापकों की एक सभा को संबोधित करेंगे और बताएंगे कि बच्चों को किस प्रकार स्वस्थ रखा जाएगा। वे सेमिनार में अध्यापकों को बच्चों की आंखें जांचने के साथ अन्य विकार जानने की जानकारी भी देंगे।
तीनों शाखा के अध्यापक लेंगे ट्रेनिंग
डाक्टरों से ट्रेनिंग लेने का कार्य प्राइमरी अध्यापक, मास्टर एवं प्राध्यापक तीनों वर्गों में होगा। इसके लिए शीघ्र ही विभाग की ओर से तारीखें तय की जाएंगी। इस योजना से स्कूली बच्चों को काफी फायदा होगा।
इसलिए उठाया कदम
यह कदम उस सर्वे के बाद उठाया गया है, जिसमें राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे स्वास्थ्य संबंधित विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त पाए गए थे। स्वास्थ्य संबंधित यह परेशानी राजकीय प्राइमरी स्कूलों में पाई गई थी। इसी के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।