जगराओं. कौंसिल प्रधान बलदेव कृष्ण तेलू का विरोध करके पार्टी हाईकमान की नाराजगी मोल ले चुके वार्ड नंबर 10 के भाजपा कौंसलर विनोद कुमार गोयल (चिड़ी)को एक बच्चे का जन्म सर्टिफिकेट बनवाने के लिए अर्जी देना महंगा पड़ सकता है।
नगर कौंसिल के ईओ शक्ति कौशल ने विनोद कुमार पर धोखाधड़ी का आरोप लगाकर इसकी शिकायत एसएसपी जगराओं को दी है। अब डीएसपी भूपिंदर सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। काननूी जानकारों के मुताबिक यदि जांच में कौंसलर विनोद कुमार दोषी पाए गए तो उनपर धोखाधड़ी का मामला दर्ज हो सकता है। दरअसल 19 नवंबर 2008 को स्थानीय राम नगर इलाके में रहने वाले एक दंपति के घर बेटा पैदा हुआ।
बच्चे का जन्म तहसील रोड से शेरपुरा रोड की ओर जाती सड़क किनारे स्थित एक अस्पताल में हुआ था। अस्पताल के डाक्टर ने बच्चे के जन्मद की सूचना 22 नवम्बर को नगर कौंसिल में भेज दी। इसके दस दिन बाद भाजपा कौंसलर विनोद कुमार गोयल ने नगर कौंसिल में एक आवेदन पत्र दिया, जिसमें उक्त दंपति के घर पर बच्च पैदा होने की बात कही गई थी। इस आवेदन पत्र में बच्चे के जन्म की तारीख 29 नवंबर लिखी हुई थी।
दस दिन में एक ही महिला के दूसरा बच्च पैदा होने की बात कर्मचारियों के गले नहीं उतरी। बात चर्चा में आई तो विरोधियों ने मौका भुनाया और अब बात पुलिस कार्रवाई तक आ पहुंची है। पुलिस ने मामले में निजी अस्पताल के डाक्टर के बयान भी दर्ज कर लिए हैं और बयान भाजपा कौंसलर के पक्ष में नहीं बताए जाते। क्योंकि डाक्टर ने बच्चे के अस्पताल में पैदा होने की बात कही है।
ईओ शक्ति कौशल ने मामले की जांच के बाद सिविल सर्जन लुधियाना को सूचित किया था। जवाब में सीएस ने ईओ को संबंधित कौंसलर के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करवाने की सिफारिश कर दी थी। इस संबंध में डीएसपी सिटी भूपिंदर सिंह का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
उधर, भाजपा कौंसलर विनोद गोयल के मुताबिक मामले में बच्चे का पिता कसूरवार है, जिसने उससे हस्ताक्षर करवाए। उनके मुताबिक जिस आवेदन पत्र पर उन्होंने दस्तखत किए, उसपर डाक्टर के भी दस्तखत थे। बच्चे के पिता ने कहा था कि पहला फार्म गुम हो गया, इसलिए दूसरा आवेदन पत्र भरवाया गया था।