लुधियाना. पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन एवं भारतीय किसान यूनियन के (लक्खोवाल) के प्रधान अजमेर सिंह लक्खोवाल ने कहा कि मंडियों में धान की किस्म 201 और 1121 की खरीद को लेकर किसानों के साथ लूट खसूट हो रही है। मंडियों में लुट रहे किसानों को इंसाफ दिलाने के लिए भारतीय किसान यूनियन पहले पड़ाव में पांच नवंबर से जिला मुख्यालयों में धरने देगी।
1121 किस्म की धान जलाकर रोष जाहिर करेंगे और मंडियों में किसानों को लुटने से बचाने के लिए डिप्टी कमिश्नरों के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजेंगे। अगर फिर भी किसानों से लूट खसूट का सिलसिला न थमा तो अगले पड़ाव में भारतीय किसान यूनियन दिल्ली कूच कर केंद्रीय कृषि मंत्री का घेराव करेगी।
लक्खोवाल सोमवार को यहां यूनियन कार्यालय में आए हुए थे। उन्होंने बताया कि संघर्ष के पहले पड़ाव में पांच नवंबर को मोगा, फिरोजपुर, मुक्तसर और लुधियाना, छह को अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, फरीदकोट, पटियाला, बरनाला और संगरूर, नौ नवंबर को होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली और रोपड़ तथा 10 नवंबर को मानसा, बठिंडा में धरने लगाए जाएंगे। विदेश से चावल आयत करने के केंद्र सरकार के फैसले को उन्होंने गलत करार दिया है।
लक्खोवाल का कहना है कि पहले से ही 1121 किस्म का चावल पिछले साल के मुकाबले कम मूल्यों पर बिक रहा है और पिछले साल का लाखों टन चावल पंजाब के शैलरों में पड़ा है, जिसे उठाया नहीं जा रहा। उन्होंने मांग की है कि 1121 किस्म के धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य चार हजार रुपए प्रति क्विंटल ऐलान किया जाए और 201 किस्म की धान पर ठोस नीति अपनाई जाए।
लक्खोवाल ने मांग की है कि हरियाणा की तर्ज पर पंजाब सरकार मार्कफेड को भी 1121 धान की खरीद करने की हिदायत दे। क्योंकि व्यापारी और कंपनियां पूल बनाकर इस किस्म के धान को कम से कम रेट पर खरीद रही है। इस मौके पर गुरमीत सिंह, मा. शमशेर सिंह, अजमेर सिंह गिल, शरणजीत मेहलो, हरमीत सिंह कादिया, अजैब सिंह, हरबिंदर सिंह आदि मौजूद थे।