हिसार. महाबीर कॉलोनी में रेलवे लाइन के समीप स्थित एचपीसीएल का तेल डिपो बरवाला क्षेत्र में शिफ्ट होगा। इसके लिए अधिकारियों ने जमीन की तलाश शुरू कर दी है। डिपो शिफ्टिंग का काम वर्ष 2011 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।
करीब 50 साल पहले हिसार की रेलवे लाइन के पास एचपीसीएल का तेल डिपो स्थापित किया गया था। उस वक्त यहां पर दूर-दूर तक आबादी का नामोनिशान नहीं था। डिपो से उस वक्त पेट्रोल, डीजल व केरोसिन की सप्लाई की जाती थी। इसके बाद गांवों के लोगों का रूख भी हिसार की ओर बढ़ने लगा तो शहर का दायरा भी बढ़ता चला गया।
आज शहर में हालात यह है कि रेलवे लाइनों के पास स्थित तेल डिपो तीन ओर से आबादी से घिर गए हैं। यहां तक कि लोगों ने डिपो की दीवार के साथ अपने मकानों की दीवारें बना ली है। इस कारण यहां किसी आपात स्थिति पर काबू पाना मुश्किल काम हो गया है।
दूसरी ओर रेलवे लाइन से डिपो तक तेल सप्लाई के लिए डाली गई पाइप लाइन लीक होने व उससे बढ़ते खतरे को देखते हुए करीब आठ साल पहले इस डिपो से पेट्रोल व केरोसिन की सप्लाई बंद कर दी गई। अब जबकि जयपुर हादसे के बाद यहां स्थापित तेल डिपुओं को आबादी से बाहर करने की मांग उठने लगी है।
इसी मांग व शहर की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एचपीसीएल ने सबसे पहले पहल करते हुए डिपो को शहर से बाहर स्थापित करने का मन बना लिया है। इसके लिए कंपनी ने बरवाला एरिया में डिपो के लिए जमीन तलाशने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
भटिंडा रिफाइनरी से आ रही पाइप लाइन
एचपीसीएल के बरवाला एरिया में तेल डिपो स्थापित होने पर वहां रेलवे के माध्यम से तेल की सप्लाई नहीं होगी। यह काम फिर सीधे भटिंडा रिफाइनरी से पाइप लाइन के माध्यम से पूरा होगा। इसके लिए कंपनी ने पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया है।
बरवाला क्षेत्र में एचपीसीएल का तेल डिपो स्थापित हो जाने पर वहां से डीजल के अलावा पेट्रोल व केरोसीन तेल की सप्लाई भी शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा काले तेल की सप्लाई वहां से नहीं हो पाएगी। काले तेल का डिपो मथुरा में शिफ्ट करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
यह कदम कुछ महत्वपूर्ण कारणों के चलते उठाया गया है। जिस समय शहर में तेल डिपो स्थापित हुआ था, उस वक्त यहां से पेट्रोल, डीजल व केरोसिन तेल की सप्लाई होती थी। बाद में रेलवे व तेल डिपो के बीच पाइप लाइन लीक होने व पानीपत में रिफाइनरी स्थापित होने पर यहां से पेट्रोल व केरोसीन की सप्लाई बंद कर दी गई।