राजधानी हरियाणा. सरकार अगले साढ़े तीन साल में प्रदेश में सड़कों का जाल बिछा देगी। सड़क और पुल के निर्माण पर पांच हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह घोषणा सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोमवार को राजीव गांधी ब्रिज एंड रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम के दूसरे चरण की शुरुआत करते हुए की।
उन्होंने कहा कि राशि को 21 जिलों में बांटा गया है और 1100 करोड़ के 124 कार्र्यो की सूची भी जारी कर दी गई है। इसके लिए 10-15 दिन में टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। इस राशि से सिर्फ नए कार्य किए जाएंगे, इसमें मरम्मत को शामिल नहीं किया गया है।
अगर विभिन्न मंत्रालयों से मिलने वाली परियोजनाओं को भी इसमें शामिल कर लिया जाए तो तीन साल में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 10 हजार करोड़ से अधिक खर्च होंगे। सड़कें विकास का पैमाना होती हैं। यदि सड़कें खराब हैं तो उस प्रदेश को विकसित नहीं कहा जा सकता।
इससे पहले इस कार्यक्रम के तहत पीडब्ल्यूडी से 3000 करोड़ रुपए के कार्य किए गए थे। गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 28 नवंबर 2007 को दादरी से यह कार्यक्रम शुरू किया था।
पीडब्ल्यूडी कोड लागू
हरियाणा दिवस पर एक नवंबर से प्रदेश में पीडब्ल्यूडी कोड लागू हो गया है। इसके साथ ही हरियाणा देश में पहला प्रदेश बन गया है जिसने अपना पीडब्ल्यूडी कोड लागू किया है। मुख्यमंत्री ने इसे मील का पत्थर बताते हुए कहा कि नए कोड में कार्य की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और जिम्मेदारी तय की गई है।
इंजीनियर्स, ठेकेदार सभी की जिम्मेदारी इसमें तय है। यही नहीं, नए कोड में इंजीनियर इन चीफ का पद भी लागू किया गया है और चीफ इंजीनियर दूसरे नंबर का पद होगा। उन्होंने कहा कि यदि कोड में खामियां रहीं तो दो-तीन महीने में रिव्यू किया जा सकता है।