खेल की तैयारियों पर सरकार सख्त
Bhaskar News Tuesday, November 03, 2009 07:12 [IST]  

नई दिल्ली. कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों की धीमी रफ्तार और कलमाड़ी-फेनेल विवाद से आयोजन समिति के बड़बोलेपन के उजागर होने के बाद से केंद्र सरकार देश की प्रतिष्ठा को लेकर खासी चौकन्नी है। केंद्र ने अब आयोजन समिति पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।



एक ओर जहां महालेखाकार नियंत्रक व परीक्षक (कैग) के प्रतिनिधि कॉमनवेल्थ से जुड़ी योजनाओं के हर लेनदेन पर करीबी नजर बनाए है, वहीं पूर्व नौकरशाह जरनैल सिंह के सीईओ बनाए जाने के बाद अब आयोजन समिति में जल्द ही तीन संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी की तैनाती होगी।



यह फाइल कैबिनेट सेक्रेटरी के पास है और जल्द ही इन अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का ऐलान होगा। सूत्रों के मुताबिक कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजन समिति के मुख्यालय के आठवें तल पर तीनों अधिकारियों के लिए ऑफिस तैयार किए जा रहे हैं। ये अधिकारी वित्त व प्रशासन से जुड़े मामले देखेंगे। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह लगातार तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। जयपाल रेड्डी की अध्यक्षता में मंत्रियों का समूह पीएम को नियमित जानकारी मुहैया कराता है।



आयोजन समिति का गठन 2005 में ही हो चुका था, लेकिन सीईओ के पद पर सेवानिवृत्त आईएएस जरनैल सिंह की नियुक्ति हाल ही में तब की गई जब आयोजन समिति पर यह आरोप आने लगा कि खेल से जुड़ी तैयारियों पर उचित निगरानी के अभाव में काम पिछड़ रहा है। इसी बीच कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन की टीम अध्यक्ष माइक फेनेल के नेतृत्व में तैयारियों का जायजा लेने आई और टेक्नीकल रिव्यू कमेटी के गठन का सुझाव दिया।



आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी ने उन नसीहतों को गलत तरीके से समझा और इन समितियों के विरोध के साथ-साथ फेडरेशन की ओर से निगरानी के लिए रखे गए सीईओ माइक हूपर को ही हटाने की मांग कर डाली। हालत यह हुई कि केंद्रीय खेल मंत्री एमएस गिल को कलमाड़ी व फेनेल का बीचबचाव करना पड़ा और मामले का अंत कलमाड़ी के अपने शब्द वापस लेने के साथ हुआ।



खेलों के सिलसिले में बनी २३ उप-समितियों को मुख्यालय में अब जगह आवंटित की जा रही है। सक्षम लोगों की कमी के चलते आयोजन समिति को सरकार से गुहार लगानी पड़ी कि वह कामकाज संभालने के लिए खेलों के आयोजन तक सैन्य व प्रशासनिक अधिकारी भेजे।

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