अब पर्यावरण का ज्ञान होगा आसान
शैलेन्द्र सिंह Tuesday, November 03, 2009 07:14 [IST]  

नई दिल्ली. पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता को आम आदमी तक पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से चलाए जा रहे अभियानों में तेजी लाने के उद्देश्य से अब दिल्ली विवि ने शिक्षण-प्रशिक्षण के मोर्चे पर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।



पर्यावरण के ज्ञान को आसान बनाने के लिए विवि स्कूल ऑफ एन्वॉयरमेंटल स्टडीज व डिपार्टमेंट ऑफ एन्वॉयरमेंटल बॉयोलॉजी को मिलाकर डिपार्टमेंट ऑफ एन्वॉयरमेंटल स्टडीज में तब्दील करने जा रहा है। इतना ही नहीं डीयू एमए इन एन्वॉयरमेंटल साइंस के एक ऐसे कोर्स की शुरुआत भी करने जा रहा है, जो देश में अपनी तरह का पहला पाठच्यक्रम होगा।



विश्वविद्यालय की ओर से की गई तैयारियों के मद्देनजर डिपार्टमेंट ऑफ एनवॉयरमेंटल बॉयोलॉजी और स्कूल ऑफ एन्वॉयरमेंटल स्टडीज के मेल से अब डिपार्टमेंट ऑफ एन्वॉयरमेंटल स्टडीज बनेगा। नाम में बदलाव के साथ यहां होने वाली पढ़ाई में भी बड़ा बदलाव डीयू प्रशासन करने वाला है। डीयू इस विभाग में एमएससी एन्वॉयरमेंटल स्टडीज के साथ-साथ एमए एन्वॉयरमेंटल स्टडीज की पढ़ाई भी शुरू करने जा रहा है। जबकि एमएससी एन्वॉयरमेंटल बॉयोलॉजी के कोर्स को बंद किया जा रहा है और इसके तहत होने वाली पढ़ाई को दोनों अन्य कोर्सो में शामिल किया जा रहा है।



विवि की ओर से एमए एन्वॉयरमेंटल स्टडीज की पढ़ाई नए सत्र 2010-11 से शुरू होगी और इसके लिए बाहर से विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा ताकि वह कोर्स की व्यावहारिकताओं से छात्रों को अवगत कराएं। विवि की आगामी नौ नवम्बर को होने वाली एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इस बाबत एक विस्तृत प्रस्ताव पेश किया जा रहा है।



काउंसिल के सदस्य डॉ. राजीव कुमार वर्मा से जब इस बाबत पूछा गया तो उनका कहना था कि एमए के स्तर पर प्रशासन की यह कोशिश सराहनीय है, लेकिन जिस तरह से पर्यावरण खतरे में है, उसे देखते हुए कॉलेज स्तर पर भी छात्रों को सजग बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में उपलब्ध विभिन्न कोर्सो में कहीं न कहीं एन्वॉयरमेंटल साइंस के ज्ञान को अनिवार्य बनाया जाए ताकि छात्र ग्रेजुएशन में ही वातावरण को सुरक्षित बनाए रखने के लिए जागरूक हो सकें ।



एन्वायरमेंटल स्टडीज में क्या होगा खास



देशभर में उपलब्ध अपनी तरह का अनोखा पाठच्यक्रम बताया जा रहा एमए इन एन्वॉयरमेंटल स्टडीज, पर्यावरण के गूढ़ रहस्यों को आम आदमी के जीवन में इस्तेमाल का सहज रूप दर्शाएगा। इस कोर्स में आम आदमी किस तरह से पर्यावरण संरक्षण व उसमें सुधार को अंजाम दे सकता है का विस्तृत विवरण होगा। कोर्स में एन्वॉयरमेंटल इकोनोमिक्स, एन्वॉयरमेंटल लॉ, सोशियोलॉजी और ह्ययूमन ईकोलॉजी का ज्ञान छात्रों को दिया जाएगा, जिसका इस्तेमाल व्यावहारिक स्तर पर हर आम और खास के लिए उपयोगी होगा।

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